योग गुरु बाबा रामदेव और अभिनेत्री से नेता बनीं कंगना रनौत के बीच हाल ही में उपजा विवाद रक्षाबंधन के पावन अवसर पर पूरी तरह से खत्म हो गया है। इस खास मौके पर दोनों ने अपने पुराने मतभेदों को पीछे छोड़ते हुए आपसी रिश्तों में सुधार की एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहल की है। रक्षाबंधन के इस पर्व पर समाज में सकारात्मक संदेश देने की बात कही गई है ताकि देश में किसी भी प्रकार की नफरत और कड़वाहट न रहे। इस प्रकार के आयोजनों से समाज को यह प्रेरणा मिलती है कि आपसी मतभेदों को भुलाकर आगे बढ़ना चाहिए।


मिठाई और उपहार भेजकर की गई पहल
इस मनमुटाव को दूर करने के लिए योग गुरु बाबा रामदेव ने अभिनेत्री कंगना रनौत को अपनी बहन बताते हुए शगुन के तौर पर मिठाई और उपहार बाय पोस्ट भेजे। उन्होंने कहा कि देश में किसी भी प्रकार की नफरत के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। बाबा रामदेव ने स्पष्ट किया कि अतीत में दिए गए बयानों के तमाम गिला-शिकवे भुलाकर सभी को एक प्रीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए और यही इस महान पर्व का मुख्य संदेश है। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस अवसर पर फोन के जरिए भी शुभकामनाएं साझा करेंगे ताकि रिश्तों में हमेशा मधुरता बनी रहे और समाज में एक अच्छा संदेश जाए। पिछले दिनों खबर उठी थी कि दोनों के बीच कहीं कोई विवाद तो नहीं हो गया है, जिसे अब आपसी सहमति से पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।

कंगना रनौत ने स्वीकार किया बड़ा भाई
स्वामी रामदेव की इस पहल का बेहद सकारात्मक जवाब देते हुए कंगना रनौत ने उन्हें अपना बड़ा भाई बताया और उनके द्वारा भेजी गई मिठाई व प्रेम को सहर्ष स्वीकार कर लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर स्टेटस लगाते हुए कहा कि त्योहार का मुख्य उद्देश्य ही सभी पुरानी भूल-चूक और गलतियों को माफ करना होता है। उन्होंने इस बात पर भी पूरी सहमति जताई कि किसी भी मतभेद को बढ़ाने के बजाय आपसी संवाद के जरिए ही मामलों को हल किया जाना चाहिए। कंगना रनौत ने बाबा रामदेव की इस बात की सराहना की कि विवाद की बजाय संवाद होना चाहिए और उन्होंने इसके लिए उनका धन्यवाद करते हुए ईश्वर से उनकी लंबी आयु की कामना की।

क्या था पूरा मामला और पृष्ठभूमि
जेनजी प्रदर्शन को लेकर कंगना रनौत की टिप्पणी के बारे में जब बाबा रामदेव से सवाल किया गया था, तब यह पूरा विवाद शुरू हुआ था। इस दौरान बाबा रामदेव ने कहा था कि कंगना रनौत की जवानी कैसी रही, उन्हें अपने बारे में पहले सोचना चाहिए और वे ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करते हैं। उधर से कंगना रनौत ने पलटवार करते हुए एक बयान में उन्हें चमगादड़ कह दिया था। उन्होंने कहा था कि रामदेव को मेरी जवानी के बारे में सपने नहीं देखने चाहिए। इसके बाद उन्होंने एक इंटरव्यू में यह भी कहा था कि क्या रामदेव चमगादड़ बनकर मेरे बेडरूम में लटके थे और उन्हें समझ नहीं आता कि उन्होंने क्या देखा था। इस प्रकार की तीखी टिप्पणियों के बाद दोनों के बीच दूरियां बढ़ गई थीं, लेकिन रक्षाबंधन के पवित्र दिन पर दोनों ने अपने गिले-शिकवे भुलाकर आपसी संबंधों को सुधारने का अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है।
















