उत्तराखंड के खेल जगत में एक नए दौर की शुरुआत हो चुकी है, जिसके तहत अब केवल पदक जीतने वाले खिलाड़ी ही नहीं बल्कि उन्हें तराशने वाले कुशल प्रशिक्षक भी तैयार किए जाएंगे। हल्द्वानी में प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के साथ ही इस दिशा में औपचारिक कदम उठा लिए गए हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य के युवाओं ने हमेशा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है, जिसे अब उच्च शिक्षा और पेशेवर ढांचे के जरिए और मजबूत किया जाएगा। दूरस्थ गांवों से उभरने वाली खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा के मजबूत बुनियादी ढांचे की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी, जिसे अब पूरा किया जा रहा है।


खेलों के विभिन्न क्षेत्रों में मिलेंगे नए अवसर और पाठ्यक्रम
हल्द्वानी में स्थापित इस खेल विश्वविद्यालय के पहले शैक्षणिक सत्र में तीन प्रमुख स्नातक पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। इनमें बैचलर ऑफ स्पोर्ट्स साइंस, बैचलर ऑफ स्पोर्ट्स मैनेजमेंट और बैचलर ऑफ स्पोर्ट्स जर्नलिज्म शामिल हैं, जिनमें प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए 40-40 सीटें निर्धारित की गई हैं। स्पोर्ट्स साइंस की पढ़ाई के माध्यम से युवाओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से खेल प्रदर्शन को समझने में मदद मिलेगी, जबकि स्पोर्ट्स मैनेजमेंट और जर्नलिज्म से इस क्षेत्र में करियर के नए द्वार खुलेंगे। इन सभी पाठ्यक्रमों के माध्यम से युवा खेल प्रबंधन और खेल पत्रकारिता के क्षेत्र में भी अपनी विशेषज्ञता हासिल कर सकेंगे।

विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के लिए डिप्लोमा कोर्स और ढांचा
विश्वविद्यालय के पहले सत्र में नौ प्रमुख खेल विधाओं में डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स कोचिंग की शुरुआत भी की जा रही है। इन खेलों में बैडमिंटन, बास्केटबॉल, बॉक्सिंग, फुटबॉल, हॉकी, कराटे, स्विमिंग, ताइक्वांडो और आइस स्पोर्ट्स को शामिल किया गया है। प्रत्येक खेल विधा के लिए 20 सीटें तय की गई हैं, जिससे पेशेवर कोच तैयार करने की प्रक्रिया को गति मिलेगी। इस खेल विश्वविद्यालय के लिए कर्मचारियों का पूरा ढांचा भी तैयार किया गया है, जिसमें खेल कोचिंग विंग के साथ-साथ प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल हैं। इसके अलावा खिलाड़ियों की फिटनेस और रिकवरी पर विशेष ध्यान देने के लिए खेल चिकित्सक, फिजियोथेरेपी और खेल मनोविज्ञान से जुड़े पद भी स्वीकृत किए गए हैं ताकि छात्रों को संपूर्ण शैक्षणिक और व्यावहारिक सहयोग मिल सके।

राज्य में विकसित खेल सुविधाएं
हाल के समय में राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के बाद उत्तराखंड में विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं के विकास को नई गति मिली है। देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आधुनिक शूटिंग रेंज और एथलेटिक्स ट्रैक का जीर्णोद्धार किया गया है। इसके साथ ही देश की एकमात्र हिमाद्री आइस रिंक का संचालन दोबारा शुरू होने से कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुकाबले आयोजित हो चुके हैं। इसके अलावा देहरादून के अलावा नैनीताल, हल्द्वानी और ऊधमसिंहनगर में भी खेल सुविधाओं का विस्तार किया गया है, जिससे आने वाले समय में खेल के क्षेत्र में प्रदेश की स्थिति और अधिक मजबूत होगी।
















