उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थानीय नागरिकों की समस्याओं के समाधान और उन्हें घर द्वार पर प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार कार्यक्रम के तहत ऊखीमठ विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत देवलीभणी में जनता दरबार लगाया गया, जहां ग्रामीणों ने अपनी परेशानियां और शिकायतें सीधे अधिकारियों के सामने रखीं। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जनता की शिकायतों का उनके ही क्षेत्र में त्वरित निस्तारण करना था।


इस जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान विभिन्न मामलों से जुड़ी कुल 25 शिकायतें दर्ज की गईं। प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर ही 9 शिकायतों का संतोषजनक निपटारा कर दिया। इस महत्वपूर्ण शिविर में ग्राम प्रधान, पूर्व जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। शिविर में पंचायती राज, ग्राम्य विकास, बाल विकास, सेवायोजन, वन विभाग, कृषि विभाग और सिंचाई विभाग के नुमाइंदों ने शिरकत की। अधिकारियों ने उपस्थित जनता को विभिन्न कल्याणकारी सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी और उनके सवालों के उचित जवाब दिए।

सड़क की बदहाली पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
शिविर के दौरान स्थानीय लोगों ने बुनियादी सुविधाओं, खासकर बदहाल और खराब सड़कों को लेकर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। ग्रामीणों का मुख्य मुद्दा गुप्तकाशी बसुकेदार मोटर मार्ग से उनकी ग्राम पंचायत को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग की जर्जर हालत था। लोगों का कहना था कि कई बार मौखिक और लिखित रूप से अवगत कराने के बावजूद इस मार्ग की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

इसके अतिरिक्त, ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाली अनुसूचित जाति बस्ती सिरवाडी के लिए संपर्क मार्ग का निर्माण न होने पर भी ग्रामीणों ने कड़ा रोष जताया। सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव से परेशान होकर ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे आगामी चुनावों का पूरी तरह से बहिष्कार करेंगे।
अधिकारियों ने दिया समस्याओं के समाधान का आश्वासन
सड़क निर्माण के इस गंभीर मामले पर मौके पर ही लोक निर्माण विभाग के बड़े अधिकारियों से बातचीत की गई। अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि सिरवाडी संपर्क मार्ग का काम पहले जिला योजना के तहत स्वीकृत किया गया था, लेकिन वर्तमान में उस योजना के माध्यम से इसका निर्माण संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में ग्रामीणों ने पुरजोर मांग रखी है कि इस मार्ग का निर्माण किसी अन्य बड़े स्तर की या दूसरी योजना के माध्यम से कराया जाए।
जिला सेवा योजना अधिकारी सुशील चंद्र चमोली ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि शिविर के दौरान प्राप्त हुई शेष 16 शिकायतों को अन्य संबंधित विभागों की ओर भेज दिया गया है, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने सभी ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शासन और प्रशासन जनता की समस्याओं के प्रति पूरी तरह गंभीर है और सरकार की मंशा है कि लोगों की परेशानियां उनके घर पर ही सुनी और हल की जाएं।















