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उत्तराखंड में ऑनलाइन धोखाधड़ी के आंकड़े चिंताजनक, हर 40 मिनट में सामने आ रहा एक मामला

उत्तराखंड में ऑनलाइन धोखाधड़ी के आंकड़े चिंताजनक, हर 40 मिनट में सामने आ रहा एक मामला

उत्तराखंड राज्य में ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराध के मामलों ने एक बेहद चिंताजनक स्थिति पैदा कर दी है, जहां उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार औसतन हर चालीसवें मिनट में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आ रहा है। पुलिस विभाग से प्राप्त आधिकारिक विवरण के मुताबिक, इस साल के शुरुआती आठ महीनों के दौरान विशेष साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कुल मिलाकर आठ हजार से अधिक शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। इन लगातार बढ़ते आंकड़ों से यह पूरी तरह स्पष्ट हो जाता है कि डिजिटल अपराध का दायरा राज्य में तेजी से फैल रहा है और आम नागरिक लगातार शातिर ठगों के बुने हुए जाल में फंसते चले जा रहे हैं।

उत्तराखंड में ऑनलाइन धोखाधड़ी के आंकड़े चिंताजनक, हर 40 मिनट में सामने आ रहा एक मामला

प्रमुख जिलों में सबसे ज्यादा मामले

राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की बात करें तो मैदानी जिलों से साइबर ठगी की सबसे अधिक घटनाएं दर्ज की गई हैं। पुलिस विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों में साइबर अपराधियों का प्रभाव और उनकी गतिविधियां सबसे ज्यादा देखी गई हैं। अकेले देहरादून जिले में सबसे अधिक 2709 साइबर ठगी के मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि हरिद्वार में 1707 और ऊधमसिंह नगर में 1584 लोगों ने ऑनलाइन ठगी की अपनी शिकायत दर्ज कराई है। इसके अतिरिक्त नैनीताल में 939, पौड़ी में 480, टिहरी में 247, पिथौरागढ़ में 219, उत्तरकाशी में 202 और बागेश्वर में 115 मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि, इसके विपरीत कुछ पहाड़ी जिलों जैसे अल्मोड़ा, चमोली और चम्पावत से इस निर्धारित अवधि के दौरान 1930 पोर्टल पर कोई भी शिकायत दर्ज नहीं की गई है, जो इन क्षेत्रों की अलग स्थिति को दर्शाता है।

पुलिस कार्रवाई और लंबित मामले

केवल हेल्पलाइन पोर्टल ही नहीं, बल्कि थानों के स्तर पर भी ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों की एक बड़ी संख्या लगातार दर्ज होती रही है। पिछले साल प्रदेश के थानों में कुल 5952 शिकायतें मिली थीं, जिनमें से पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अधिकांश यानी 5521 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण कर दिया था। इस वर्ष भी पुलिस थानों में एक हजार से अधिक मामले प्रक्रिया में हैं और इन सभी लंबित मामलों पर लगातार कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया और जांच के दौरान पुलिस ने कई मामलों में पीड़ितों के डूबे हुए धन को सुरक्षित रूप से वापस दिलाने में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जिससे लोगों को राहत मिली है।

अधिकारियों की चेतावनी और सुरक्षा सलाह

इन सभी बढ़ते मामलों को गंभीरता से देखते हुए पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। राज्य के साइबर अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन ठगी आज के समय में समाज के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती का रूप ले चुकी है। लोगों को स्पष्ट रूप से यह सलाह दी गई है कि वे किसी भी अनजान लिंक, संदिग्ध वेबसाइट या किसी भी अज्ञात पीडीएफ फाइल को खोलने से पूरी तरह बचें। प्रशासन का यह भी कहना है कि हेल्पलाइन नंबर पर मिलने वाली प्रत्येक शिकायत को पूरी गंभीरता के साथ लिया जा रहा है और मामलों के त्वरित निस्तारण के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय और राहत मिल सके।