उत्तराखंड राज्य को जल्द ही अपना पहला सफेद बाघ मिलने जा रहा है, जिससे देवभूमि के निवासियों और पर्यटकों को देहरादून चिड़ियाघर में इस दुर्लभ वन्यजीव के दीदार करने का अवसर मिलेगा। सेंट्रल जू अथॉरिटी (CZA) ने देहरादून जू के लिए सफेद बाघों को भेजने की औपचारिक मंजूरी दे दी है। इन बाघों को मध्य प्रदेश के ग्वालियर जू और ओडिशा के नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क से लाया जाएगा। यह पहली बार होने जा रहा है जब राज्य के किसी चिड़ियाघर में सफेद बाघ को रखा जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को इन्हें देखने के लिए अब अन्य राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उत्तराखंडवासियों के लिए यह एक अनोखा अवसर होगा जब वे अपने ही राज्य में इस भव्य वन्यजीव को देख सकेंगे।


देहरादून जू में जल्द दिखेंगे सफेद बाघ
अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इन बाघों को देहरादून लाने की प्रक्रिया और तैयारियां पूरी तेजी से चल रही हैं। सितंबर के महीने में ही इन्हें ग्वालियर से यहां लाए जाने की योजना पर काम चल रहा है। इसके अलावा, अधिकारियों का यह भी मानना है कि वाइल्ड लाइफ वीक के दौरान ये बाघ देहरादून पहुंच सकते हैं। इस आदान-प्रदान के तहत देहरादून चिड़ियाघर से सामान्य रंग का एक बाघ ग्वालियर चिड़ियाघर के लिए भेजा जाएगा, जिसकी रूपरेखा तय कर ली गई है। अधिकारी इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए सभी जरूरी इंतजामों में जुटे हुए हैं ताकि वन्यजीवों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

वन विभाग की बड़ी उपलब्धि और अधिकारियों के बयान
देहरादून जू की इंचार्ज और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर दीक्षा भट्ट ने इस पूरी प्रक्रिया को उत्तराखंड वन विभाग के लिए एक बड़ी सफलता बताया है। उनके अनुसार विभाग पिछले कई वर्षों से इस प्रोजेक्ट पर लगातार काम कर रहा था। वहीं, राज्य के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने इस पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उत्तराखंड के लिए यह बेहद गौरव और प्रसन्नता की बात है कि राज्य को अपना पहला सफेद बाघ मिलने जा रहा है। उनका मानना है कि यह नया आकर्षण राज्य के वन्यजीव प्रेमियों और दूर-दूर से आने वाले पर्यटकों के लिए मुख्य केंद्र बनेगा जो इस पार्क की सुंदरता को और बढ़ाएगा।

अन्य वन्यजीवों का आदान-प्रदान और आंकड़े
ओडिशा के नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क से भी एक और सफेद बाघ को दूसरी जगह भेजने की मंजूरी मिल चुकी है। इस ट्रांसफर के लिए अधिकारी वर्तमान में लॉजिस्टिक्स और एक्सचेंज की शर्तों पर पूरी गंभीरता से काम कर रहे हैं, जिन्हें जल्द ही फाइनल किए जाने की उम्मीद है। ओडिशा के साथ पहले हुई बातचीत में देहरादून चिड़ियाघर से हिमालयन गोरल की एक जोड़ी और नैनीताल से रेड पांडा की एक जोड़ी दिए जाने की पेशकश की गई है। मालूम हो कि उत्तराखंड में अभी तक किसी भी चिड़ियाघर में कोई सफेद बाघ मौजूद नहीं है। साल 2022 के ‘ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन’ के अनुसार उत्तराखंड में कुल 560 टाइगर हैं, जबकि देश में सबसे ज्यादा टाइगर मध्य प्रदेश और कर्नाटक के बाद तीसरे स्थान पर उत्तराखंड में ही दर्ज किए गए हैं। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में सबसे अधिक 260 टाइगर मौजूद हैं जो देश भर के सभी टाइगर रिजर्व में सबसे ज्यादा संख्या है।
















