देहरादून। उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे मानव-वन्यजीव संघर्ष और बाघ-भालू के हमलों से आम जनता की सुरक्षा को लेकर आज उत्तराखंड क्रांति दल के युवा प्रकोष्ठ के कार्यकारी अध्यक्ष कुलदीप रावत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने वन मंत्री सुबोध उनियाल के आवास की ओर कूच किया और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

उक्रांद नेताओं ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में लोग बाघ और भालू के आतंक के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं। आए दिन वन्यजीवों के हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार जनता को सुरक्षित वातावरण देने में विफल दिखाई दे रही है।

कार्यकर्ताओं ने वन मंत्री के समक्ष वन्यजीवों के आतंक से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था, गश्त बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना की मांग रखी।

उक्रांद ने आरोप लगाया कि जब जनता अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर सरकार से जवाब मांग रही है, ऐसे समय में यदि जिम्मेदार मंत्री जनता की समस्याओं और ज्ञापन से अधिक राजनीतिक कार्यक्रमों को प्राथमिकता देते हैं, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
कुलदीप रावत ने कहा कि उत्तराखंड की जनता को भाषण नहीं, सुरक्षा चाहिए। जंगलों के किनारे बसे गांवों में भय का माहौल है और सरकार को अब कागजी घोषणाओं के बजाय जमीन पर ठोस कार्रवाई करनी होगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम नहीं उठाए, तो उक्रांद इस मुद्दे को लेकर आंदोलन को और तेज करेगा।
उन्होंने कहा, “जनता की जान की कीमत पर सरकार की चुप्पी स्वीकार नहीं की जाएगी। वन विभाग और सरकार को जनता के प्रति अपनी जवाबदेही तय करनी होगी।”
















