असम में लोकप्रिय गायक, संगीतकार और सांस्कृतिक प्रतीक जुबीन गर्ग की पहली पुण्यतिथि पर राज्य भर में विभिन्न श्रद्धांजलि और स्मृति कार्यक्रम आयोजित किए गए। उनके संगीत से पीढ़ियों को जोड़ने वाले इस कलाकार को याद करने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए।


राज्य भर में श्रद्धांजलि और कार्यक्रम
गायक की पहली बरसी के अवसर पर राज्य में तीन दिवसीय जुबीन दिवस भी मनाया गया। गुवाहाटी के पास सोनापुर स्थित जुबीन क्षेत्र में हजारों प्रशंसकों ने पहुंचकर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और असम की सांस्कृतिक विरासत में उनके योगदान को याद किया। गुवाहाटी के नूनमैट इलाके के एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में उनकी पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोगों का अपार स्नेह यह साबित करता है कि वे एक महान व्यक्तित्व थे और वे हमेशा अमर रहें।

संगीत जगत और नेताओं का स्मरण
देश और दुनिया के कई कलाकारों तथा नेताओं ने इस मौके पर दिवंगत कलाकार को नमन किया। असम के मुख्यमंत्री ने गुवाहाटी में श्रद्धांजलि देते हुए रक्तदान शिविर में हिस्सा लिया और कहा कि राज्य के लोगों के लिए उन्हें भुलाना असंभव है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री और अन्य हस्तियों ने भी सोशल मीडिया व विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।

असमिया संस्कृति में अमिट योगदान
जुबीन गर्ग ने अपने तीन दशकों से अधिक लंबे करियर में लगभग 40 भाषाओं और बोलियों में 40,000 से अधिक गाने गाए। उनका निधन 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में 52 वर्ष की आयु में हुआ था। एक गायक और संगीतकार के अलावा उन्होंने गीतकार, अभिनेता और फिल्म निर्माता के रूप में भी असमिया संस्कृति को समृद्ध किया था।
















