उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जयप्रकाश उपाध्याय ने आज प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड क्रांति दल आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य की सभी 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगा।


उन्होंने केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती के निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल राष्ट्रीय दलों से न केवल चुनाव में, बल्कि चुनाव के बाद भी समान दूरी बनाए रखेगा।

उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल अपने दम पर सरकार बनाएगा और सरकार न बनने की स्थिति में सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाते हुए राज्य हितों के लिए संघर्ष करेगा। उक्रांद निरंतर राज्य को बचाने के लिए संघर्षरत है।
उन्होंने कहा कि जनता ने दिन-प्रतिदिन बढ़ रही अपनी परेशानियों को देखते हुए, राज्य आंदोलन के शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए स्थायी समाधान के रूप में उत्तराखंड क्रांति दल को चुनने का मन बना लिया है। राज्य की जनता जानती है कि यदि कोई सच्चा हितैषी है तो वह उक्रांद ही है। इन विकराल समस्याओं का समाधान केवल उक्रांद की सरकार ही कर सकती है।
उपाध्याय ने कहा कि चाहे स्थायी राजधानी का प्रश्न हो, सशक्त भू-कानून और मूल निवास लागू करना हो, शराबबंदी व नशा उन्मूलन, माफिया राज व भ्रष्टाचार का अंत, खनन घोटालों पर रोक, पलायन रोकना, वीरान हो रहे गांवों को पुनः आबाद करना, रोजगार के स्थायी साधन सृजित करना, भर्ती घोटालों पर रोक व घोटालेबाजों के लिए आजीवन कारावास जैसे कठोर प्रावधान, संस्कृति का संरक्षण, पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था, सांस्कृतिक पतन के लिए जिम्मेदार यूसीसी जैसे कानून को रद्द करना, पर्यटन के बुनियादी ढांचे का विकास, उद्योगों में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना, जल-विद्युत परियोजनाओं, उद्योगों एवं प्राकृतिक संसाधनों पर मूल निवासियों के अधिकार को सुनिश्चित करना, वन्य जीवों से सुरक्षा, उच्च शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करना, नई प्रशासनिक इकाइयों का गठन और कर्मचारियों के हितों की रक्षा जैसे सभी मुद्दों के समाधान के लिए ठोस एवं दीर्घकालीन नीति पर उक्रांद कार्य कर रहा है।
इसके लिए उत्तराखंड के लिए एक स्पष्ट दृष्टि-पत्र (विजन डॉक्यूमेंट) तैयार किया जा रहा है, जिसे चुनाव से पूर्व उक्रांद कार्यकर्ता गांव-गांव तक पहुंचाएंगे। राष्ट्रीय दलों की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ हमारा विरोध निरंतर जारी रहेगा।
यह स्पष्ट है कि वर्तमान भारतीय जनता पार्टी सरकार ने जनहितों पर कुठाराघात किया है, वहीं कांग्रेस भी भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है। जनता राष्ट्रीय दलों से हताश और निराश हो चुकी है। हम संगठन और सरकार बनाने की स्थिति में अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए, सरकार की प्राथमिकताओं और जनता के अधिकारों की संपूर्ण जानकारी पहले ही जनता के समक्ष रखेंगे।
हमें पूर्ण विश्वास है कि इस बार प्रदेश के युवा और महिलाएं उक्रांद के विचार को सर्वोपरि मानते हुए स्थायी सरकार बनाने का संकल्प लेंगे।
उत्तराखंड क्रांति दल का गौरवशाली इतिहास त्याग, तपस्या और बलिदान का प्रतीक है। दल का प्रत्येक कार्यकर्ता और पदाधिकारी स्वतंत्र है, किंतु केंद्रीय अध्यक्ष द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी कार्यकर्ता को मनगढ़ंत कहानियां सोशल मीडिया पर प्रचारित करने का अधिकार नहीं है। प्रत्येक संगठन की अपनी मर्यादा होती है। जब कोई व्यक्ति संगठन की विचारधारा में विश्वास रखता है तो व्यक्तिगत आचरण गौण हो जाते हैं। व्यक्तिगत जीवन पर टीका-टिप्पणी करना किसी बुद्धिजीवी का कार्य नहीं है। इतिहास गवाह है कि ऐसे व्यक्तियों को जनता ने कभी स्वीकार नहीं किया।
इस अवसर पर दल के उपाध्यक्ष मोहन सिंह असवाल, केंद्रीय महामंत्री राजेंद्र बिष्ट, केंद्रीय सचिव सौम्या चौधरी एवं जितेंद्र सिंह उपस्थित रहे।


















