उत्तराखण्ड के पहाड़ों में प्रतिभा और संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत है इन संभावनाओं को स्थानीय स्तर पर उद्योग, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों से जोड़ने की, ताकि हमारे युवा अपने ही गांव और क्षेत्र में आगे बढ़ सकें और पहाड़ों की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल सके। यही सोच रिवर्स माइग्रेशन को गति देने और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की दिशा में महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।


इसी उद्देश्य से आज लोक भवन में उद्योग विभाग के महानिदेशक डॉ. सौरभ गहरवार जी से राज्य में औद्योगिक विकास, एमएसएमई, स्टार्टअप, ओडीओपी, स्वरोजगार एवं नवाचार से जुड़ी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की।

पर्वतीय क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग हब विकसित करने के साथ डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल इकोनॉमी, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्रों में उत्तराखण्ड की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया, ताकि स्थानीय प्रतिभा को स्थानीय अवसर मिलें और पहाड़ों में रोजगार के नए द्वार खुलें।


















