Advertisement

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामपुर तिराहा कांड में गंभीर रूप से घायल दो आंदोलनकारियों को , शय्याग्रस्त आंदोलनकारियों की देखरेख हेतु ₹20,000 प्रतिमाह सहायक सहायता राशि की मंजूर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामपुर तिराहा कांड में गंभीर रूप से घायल दो आंदोलनकारियों को , शय्याग्रस्त आंदोलनकारियों की देखरेख हेतु ₹20,000 प्रतिमाह सहायक सहायता राशि मंजूर की ।

 

उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान रामपुर तिराहा कांड में पुलिस की गोलियों से गंभीर रूप से घायल होकर पूर्णतः शय्याग्रस्त (Bedridden) हुए दो प्रमुख राज्य आंदोलनकारियों के लिए प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। माननीय मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला आने के बाद शासन द्वारा इनकी समुचित देखरेख हेतु ₹20,000/- प्रतिमाह प्रति सहायक की धनराशि प्रदान किए जाने की सहर्ष स्वीकृति दी गई है।

Screenshot

 

मासिक पत्रिका हिमालय संवाद – Himalaya Samvad के उद्घाटन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे राज्य के सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी को राज्य के गणमान्य व्यक्तियों एवं बुद्धिजीवियों ने इस विषय से अवगत कराया था। उन्होंने सूचना महानिदेशक के माध्यम से मुख्यमंत्री के संज्ञान में इस संवेदनशील विषय को लाते हुए आवश्यक और त्वरित कार्यवाही का अनुरोध किया था , गणमान्य व्यक्तियों की इस माँग और मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर तुरंत संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड शासन ने यह जनहितैषी आदेश जारी किया है।

 

उत्तराखंड शासन के गृह अनुभाग-8 द्वारा जारी शासनादेश (संख्या: 1/446978/XX(8)/26-04(रा०आ०)/2022) के अनुसार, राज्यपाल महोदय की ओर से निम्नलिखित दो दिव्यांग एवं पूर्णतः शय्याग्रस्त आंदोलनकारियों की देखरेख के लिए सहायक हेतु प्रति माह ₹20,000/- स्वीकृत किए गए हैं:

 

1. श्री प्रकाश चन्द्र कान्ति (पुत्र श्री जय कृष्ण कान्ति), निवासी: 111 अशोकनगर, पो० मिलापनगर, तहसील-रूड़की, जनपद हरिद्वार।  

2. श्री अमित ओबराय, निवासी: देहरादून।  

 

गौरतलब है कि इन राज्य आंदोलनकारियों को पूर्व में जारी शासनादेश के तहत ₹30,000/- प्रतिमाह विशेष सम्मान पेंशन दी जा रही है। अब इसके अतिरिक्त, शय्याग्रस्त होने के कारण उनकी नियमित देखभाल हेतु एक-एक सहायक (Attendant) रखने के लिए ₹20,000/- प्रतिमाह की अतिरिक्त वित्तीय सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

 

यह आदेश गृह सचिव शैलेश बगौली के हस्ताक्षर से वित्त विभाग की सहमति के उपरांत 06 नवंबर, 2026 को जारी कर दिया गया है