उत्तराखंड के रुड़की क्षेत्र में सामने आए एक दोहरे हत्याकांड के मामले में पुलिस की पूछताछ के बाद बेहद गंभीर और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी भाई विवेक ने अपनी दोनों बहनों को मौत के घाट उतारने से पहले अपनी मां को अपने खतरनाक इरादों के बारे में साफ-साफ बता दिया था। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में परिवार की महिलाएं भाई के मन में सुलग रही रंजिश और गुस्से की आग की गहराई को भांप नहीं सकीं, जिसके चलते यह खूनी खेल आखिरकार अपनी पराकाष्ठा पर पहुंच गया और दोनों बहनों को अपनी जान गंवानी पड़ी।


बहनों के चाल-चलन से खफा था आरोपी भाई
पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, चुड़ियाला क्षेत्र में रहने वाला विवेक रुड़की में रहने वाली अपनी दोनों बहनों से खासी नाराजगी और नाराजगी रखता था। आरोपी कथित तौर पर अपनी बहनों के चाल-चलन से काफी परेशान था। जांच में यह भी बात सामने आई है कि विवेक ने अचानक ही गुस्से में आकर यह खूनी कदम नहीं उठाया था, बल्कि उसने पूरी तरह से खुद को इस वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार किया था और योजना बनाई थी। पुलिस ने गहनता से मामले की छानबीन करते हुए इस साजिश की कड़ियों को आपस में जोड़ा है।

मां को एक महीने पहले ही दे दिए थे संकेत
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत भुल्लर ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी विवेक ने घटना से लगभग एक महीना पहले ही अपनी मां के सामने अपनी बहनों को मौत के घाट उतारने की बात रख दी थी। मां ने उसकी इस चेतावनी को गंभीरता से लिया भी था और अपनी बड़ी बेटी को इस बारे में आगाह करते हुए पूरी तरह से सावधान रहने की सलाह दी थी। इसके बावजूद होनी को कुछ और ही मंजूर था, और बेटियां मां की बात पर पूरी तरह अमल नहीं कर सकीं। वे अपने ही भाई के मन में पल रहे खतरनाक इरादों की गंभीरता को समझ पाने में विफल रहीं।


नकल विरोधी कानून के तहत काट चुका है जेल
पुलिस की पड़ताल के दौरान यह भी जानकारी मिली है कि बहनों की हत्या करने वाला आरोपी विवेक पहले अपने भाई के साथ मिलकर एक कोचिंग सेंटर संचालित करता था। करीब डेढ़ साल पहले उसे थाना कनखल पुलिस ने नकल कराने के गंभीर आरोपों के तहत गिरफ्तार किया था। उस दौरान उसने उत्तराखंड राज्य में लागू सख्त नकल विरोधी कानून के अंतर्गत लगभग छह महीने तक जेल में भी समय बिताया था। जेल से बाहर आने के बाद वह फिलहाल कोचिंग का संचालन नहीं कर रहा था और अपने गांव में ही निवास कर रहा था।
जीजा पर भी चलाई थी गोली
इस खूनी संघर्ष के दौरान आरोपी विवेक की हिंसा यहीं नहीं रुकी, बल्कि उसने अपने जीजा संदीप पर भी ताबड़तोड़ गोली चला दी थी। इस गोलीबारी की घटना में जीजा गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले के बाद घायल संदीप को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई, और वर्तमान में उनका इलाज एम्स ऋषिकेश में चल रहा है। पुलिस इस दोहरे हत्याकांड के सभी पहलुओं और कारणों की गहराई से जांच करने में जुटी हुई है ताकि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई को पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाया जा सके।


















