पिथौरागढ़, 12 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड क्रांति दल की उत्तराखंड उत्थान जन यात्रा के दूसरे दिन आज पिथौरागढ़ में प्रेस वार्ता के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। केंद्रीय अध्यक्ष सुरेन्द्र कुकरेती ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि यात्रा को जनता का अपार समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने लंबे समय तक राष्ट्रीय राजनीतिक दलों पर भरोसा किया, लेकिन आज भी राज्य के मूलभूत सवाल और जनअपेक्षाएं पूरी तरह हल नहीं हो पाई हैं।


केंद्रीय अध्यक्ष ने जनता से आह्वान किया कि उत्तराखंड के हितों, अधिकारों और बेहतर भविष्य के लिए एकजुट होकर आगे आएं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि प्रदेश की राजनीति में बदलाव के लिए जनता अपनी आवाज बुलंद करे और उत्तराखंड के हितों को सर्वोपरि रखने वाली राजनीति को मजबूत करे।

प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक एवं यूकेडी के वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी ने भाजपा और कांग्रेस की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि दोनों राष्ट्रीय दलों के शासनकाल में उत्तराखंड की जनभावनाओं और राज्य आंदोलन के मूल उद्देश्यों के अनुरूप अपेक्षित कार्य नहीं हो पाए हैं। उन्होंने राज्य के ज्वलंत मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

वहीं, पूर्व विधायक नारायण सिंह जंतवाल ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान, संसाधनों और भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए राज्यहित को प्राथमिकता देने वाली सरकार आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को बचाने और उसके समग्र विकास के लिए उत्तराखंड क्रांति दल को मजबूत करना होगा।
प्रेस वार्ता के उपरांत उत्तराखंड उत्थान जन यात्रा पिथौरागढ़ से विभिन्न गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों से होते हुए आगे बढ़ी। यात्रा के दौरान दल के नेताओं ने स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं और क्षेत्रीय मुद्दों को जाना। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यात्रा का रात्रि विश्राम धारचूला एवं बेरीनाग क्षेत्र में रखा गया।
इस अवसर पर यात्रा संयोजक सुरेश नेगी, पिथौरागढ़ जिलाध्यक्ष राम सिंह, केंद्रीय सह मीडिया प्रभारी प्रकाश भट्ट, नगर अध्यक्ष सहित उत्तराखंड क्रांति दल के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
उत्तराखंड क्रांति दल का कहना है कि उत्तराखंड उत्थान जन यात्रा का उद्देश्य प्रदेश के गांव-गांव तक पहुंचकर जनसमस्याओं को समझना, राज्य के अधिकारों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा उत्तराखंड के समग्र विकास से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाना है।


















