उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर तहसील अंतर्गत एक पर्वतीय क्षेत्र में भारी बारिश के कारण बड़ा हादसा हो गया। पहाड़ी से खिसककर आया मलबा सीधे एक आवासीय मकान में घुस गया, जिससे सोते समय एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मलबे में दबकर दर्दनाक मौत हो गई। इस अप्रत्याशित घटना के बाद पूरे इलाके और गांव में कोहराम मच गया तथा शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय प्रशासन और राहत दलों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।


वडयूड़ा गांव में मूसलाधार बारिश से तबाही
सोमवार रात को हुई भारी मूसलाधार बारिश के कारण हवालबाग ब्लॉक के वडयूड़ा गांव में एक मकान के ठीक पीछे अचानक भूस्खलन हो गया। रात करीब ढाई बजे पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा सीधे घर के अंदर आ गया। इस घटना के समय परिवार के लोग अपने कमरों में गहरी नींद में सो रहे थे, जिससे उन्हें संभलने का बिल्कुल भी मौका नहीं मिला और वे मलबे की चपेट में आ गए।

इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान प्रेमा देवी (42) जो राजेंद्र राम की पत्नी हैं, उनकी बेटी कल्पना आर्या (19) और बेटे मनीष कुमार (18) के रूप में हुई है। मूसलाधार बारिश और रात के अंधेरे के चलते पड़ोसियों को इस दुर्घटना की जानकारी करीब डेढ़ घंटे बाद मिल पाई। इसके बाद तड़के करीब साढ़े चार बजे पुलिस और आपदा नियंत्रण कक्ष को इस बारे में सूचित किया गया, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई।

तीन घंटे तक चला राहत और बचाव अभियान
गांव को जोड़ने वाले सड़क मार्ग बाधित होने के कारण राहत एवं बचाव दल को घटनास्थल तक पहुंचने में कठिनाई हुई और टीम सुबह करीब सात बजे मौके पर पहुंच सकी। सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी अल्मोड़ा, सीओ रानीखेत, तहसीलदार अल्मोड़ा और तहसीलदार सोमेश्वर के नेतृत्व में पुलिस, एसडीआरएफ और फायर सर्विस की संयुक्त टीमें तुरंत हरकत में आ गईं। इन संयुक्त टीमों ने घटनास्थल पर मोर्चा संभालते हुए मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
लगभग तीन घंटे तक चले कड़े और सघन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबे के अंदर से तीनों शवों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। आवश्यक कानूनी और वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए अल्मोड़ा के बेस चिकित्सालय में लाया गया, जहां उनका पोस्टमार्टम किया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान स्थानीय लोगों की भारी भीड़ वहां जमा रही।
परिवार के अन्य सदस्य बाल-बाल बचे
इस भीषण हादसे के दौरान मृतका के ससुर गुलाब राम घर के ही एक अन्य बगल वाले कमरे में सो रहे थे। गनीमत यह रही कि भूस्खलन का मलबा उनके कमरे तक नहीं पहुंच पाया, जिससे उनकी जान सुरक्षित बच गई। ग्राम प्रधान भास्कर राम ने भी इस बात की पुष्टि की है कि घटना के वक्त परिवार के लोग गहरी नींद में थे। वहीं, मृतका के पति राजेंद्र राम रोजगार के सिलसिले में दिल्ली में नौकरी करते हैं, जिन्हें इस दुखद घटना की सूचना तुरंत दे दी गई है। स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, इस आपदा के बाद प्रभावित मृतक के परिवार को सरकारी नियमों के तहत मुआवजा देने की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है ताकि उन्हें इस मुश्किल घड़ी में सहायता मिल सके।


















