Advertisement

रुद्रपुर में पंजाबी गौरव सम्मेलन: नितिन नवीन के संबोधन ने तराई की सियासत में साधे कई निशाने

रुद्रपुर में पंजाबी गौरव सम्मेलन: नितिन नवीन के संबोधन ने तराई की सियासत में साधे कई निशाने

रुद्रपुर और रामपुर की सीमा पर स्थित एक निजी होटल में आयोजित पंजाबी गौरव सम्मेलन में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने संबोधन से तराई क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों को नया आयाम दिया। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर, किच्छा, गदरपुर, बाजपुर के अलावा उत्तर प्रदेश के रामपुर, रुद्र बिलास, बिलासपुर और मिलक से भी बड़ी संख्या में सिख किसान और पंजाबी समाज के लोग शामिल हुए। तराई बेल्ट में रामपुर और रुद्रपुर को एक ही सांस्कृतिक और कृषि क्षेत्र माना जाता है, और पार्टी की नजर उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड दोनों राज्यों के चुनावी समीकरणों पर है।

रुद्रपुर में पंजाबी गौरव सम्मेलन: नितिन नवीन के संबोधन ने तराई की सियासत में साधे कई निशाने

तराई की सियासत और सिख समाज पर फोकस

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सिख समुदाय के योगदान, वर्ष 1984 के दंगा पीड़ितों को न्याय, करतारपुर कॉरिडोर और हेमकुंड रोपवे का जिक्र कर भावनात्मक जुड़ाव बनाया। उन्होंने पटना साहिब का उदाहरण देते हुए उत्तराखंड में सिख समाज की एकजुटता की सराहना की और तराई क्षेत्र के राजनीतिक प्रभाव का जिक्र किया। ऊधमसिंह नगर की नौ में से पांच सीटों पर पंजाबी-सिख मतदाता हार-जीत तय करते हैं, जबकि रामपुर लोकसभा और बिलासपुर, मिलक विधानसभा सीटों पर भी सिख वोटर निर्णायक हैं। इस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के सम्मेलन के जरिए भाजपा ने कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक में सेंध लगाने का प्रयास किया है।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर दिया गया स्पष्ट संदेश

अपने 14 मिनट के संबोधन में नितिन नवीन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता उनके नेतृत्व में आगे बढ़ने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने का काम किया है और उनके नेतृत्व में राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से मुख्यमंत्री की पीठ थपथपाना और उन्हें सर्वमान्य बताना आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें ही चेहरा बनाए रखने का स्पष्ट संकेत है।

सांस्कृतिक और विकास कार्यों का जिक्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन पंजाबी समाज की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति, साहस और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में अब गुरुबाणी गूंजेगी और गुरुओं के पावन संदेश सुनाए जाएंगे। इसके अलावा राज्य में धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को सख्त बनाया गया है तथा मदरसा बोर्ड को समाप्त कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया है।

इस आयोजन के दौरान विभिन्न समुदायों के लोगों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत किया और तराई के किसानों ने भी सरकार की नीतियों के प्रति अपना समर्थन जताया। कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और विधायक अरविंद पांडेय सहित तराई के सभी विधायकों की मौजूदगी ने राजनीतिक एकजुटता का संदेश दिया। इस सम्मेलन के माध्यम से स्थानीय स्तर पर पार्टी संगठन को और अधिक मजबूत करने तथा जन-जन तक पार्टी की विचारधारा पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया गया, जिससे आने वाले राजनीतिक घटनाक्रमों में काफी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।