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फर्जी सूची और दुष्प्रचार पर उक्रांद सख्त, अब कानूनी कार्रवाई

काशी सिंह ऐरी बोले—भ्रम फैलाने वालों को जवाब देकर समय बर्बाद न करें

सुरेन्द्र कुकरेती ने कहा—दल की छवि धूमिल करने वालों के लिए दरवाजे बंद

देहरादून। उत्तराखण्ड क्रान्ति दल की एक दिवसीय विशेष बैठक केंद्रीय कार्यालय में केंद्रीय अध्यक्ष सुरेन्द्र कुकरेती की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में प्रदेशभर के जिलाध्यक्षों, जिला एवं मंडल प्रभारियों सहित केंद्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में दल के सर्वोच्च नेता काशी सिंह ऐरी, संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष चन्द्रशेखर कापड़ी, संरक्षक डा. शक्ति शैल कपरवाण सहित वरिष्ठ नेता एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर दल के विरुद्ध चलाए जा रहे कथित दुष्प्रचार, वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ तथ्यहीन बयानबाजी तथा सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही फर्जी प्रत्याशी सूची के मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत चर्चा की गई।

भ्रम फैलाने वालों से विचलित न हों कार्यकर्ता : काशी सिंह ऐरी

दल के सर्वोच्च नेता काशी सिंह ऐरी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाने वालों से विचलित होने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे लोगों को जवाब देकर कार्यकर्ताओं को अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि तथ्यहीन एवं भ्रामक प्रचार का जवाब राजनीतिक बहस के बजाय कानूनी और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से दिया जाना चाहिए।

दल की छवि खराब करने वालों के लिए दरवाजे बंद : सुरेन्द्र कुकरेती

केंद्रीय अध्यक्ष सुरेन्द्र कुकरेती ने कहा कि दल की छवि को धूमिल करने तथा संगठन को कमजोर करने का प्रयास करने वालों के लिए उक्रांद के दरवाजे बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड क्रान्ति दल किसी व्यक्ति विशेष का संगठन नहीं, बल्कि विचारधारा, संविधान और उत्तराखण्ड के हितों के लिए संघर्ष करने वाला राजनीतिक संगठन है।

उन्होंने कहा कि संगठन सोशल मीडिया के शोर से नहीं, बल्कि जनता के बीच संघर्ष और समर्पित कार्यकर्ताओं की मेहनत से मजबूत होता है।

आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर संगठनात्मक तैयारियों पर मंथन

केंद्रीय महामंत्री मीडिया देवेन्द्र चमोली ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए विधानसभा वार दावेदारों के बीच समन्वय, दावेदारों के आवेदन पत्र, विधानसभा प्रभारियों की भूमिका, जिलाध्यक्षों तथा विभिन्न प्रकोष्ठों की भूमिका और संगठन की चुनावी तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

उन्होंने कहा कि प्रत्याशी चयन सहित सभी संगठनात्मक निर्णय पार्टी की निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत ही किए जाएंगे।

सोशल मीडिया पर फर्जी प्रत्याशी सूची का मामला उठा

बैठक में सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई कथित प्रत्याशियों की फर्जी सूची का मामला भी सामने आया। सूची में जिन लोगों के नाम शामिल किए गए थे, उनमें से कुछ लोग बैठक में स्वयं उपस्थित हुए और उन्होंने उक्त सूची को फर्जी बताया।

बैठक में स्पष्ट किया गया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी अनधिकृत सूची को पार्टी की आधिकारिक सूची नहीं माना जाए। पार्टी की ओर से प्रत्याशियों के संबंध में अधिकृत घोषणा संगठन की निर्धारित प्रक्रिया के बाद ही की जाएगी।

दुष्प्रचार करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करेगा दल

बैठक में सोशल मीडिया के माध्यम से दल के वरिष्ठ नेताओं के विरुद्ध अनर्गल एवं तथ्यहीन बयानबाजी कर भ्रम का वातावरण बनाने तथा उक्रांद की छवि खराब करने के मामले की समीक्षा की गई।

बैठक में निर्णय लिया गया कि ऐसे मामलों में तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए दल के विधि प्रकोष्ठ को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए अधिकृत किया गया है।

दल ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर किसी भी व्यक्ति द्वारा संगठन, उसके नेताओं या अधिकृत निर्णयों के संबंध में भ्रामक एवं असत्य जानकारी प्रसारित किए जाने को गंभीरता से लिया जाएगा।

‘सोशल मीडिया का शोर जनाधार का प्रमाण नहीं’

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि उक्रांद के बढ़ते जनाधार से चिंतित कुछ तत्व चुनावी समय में सोशल मीडिया को माध्यम बनाकर संगठन के खिलाफ भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि संगठन ऐसे प्रयासों से विचलित होने वाला नहीं है।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लाइव आने या लगातार बयान देने से कोई व्यक्ति जनाधार का मालिक नहीं बन जाता। जनाधार जनता के बीच काम करने से बनता है।

उक्रांद ने कहा कि पार्टी के हजारों समर्पित कार्यकर्ता आज भी गांव-गांव और क्षेत्र-क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं। यही संगठन की वास्तविक ताकत है।

उक्रांद ने कार्यकर्ताओं से की अपील

दल ने सभी कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों से अपील की कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी अपुष्ट सूचना, फर्जी प्रत्याशी सूची अथवा भ्रामक बयान पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे प्रसारित करें। पार्टी से संबंधित आधिकारिक जानकारी के लिए केवल अधिकृत संगठनात्मक माध्यमों पर भरोसा किया जाए।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि उक्रांद सोशल मीडिया के शोर से नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड के सवालों पर अपने संघर्ष और जनता के विश्वास से आगे बढ़ रहा है।

बैठक में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।