अल्मोड़ा जिले में रविवार को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की एनडीए, एनए और सीडीएस परीक्षाएं कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुईं। जिलेभर में इन परीक्षाओं के सफल आयोजन के लिए कुल 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सुबह के समय से ही दूर-दराज से आए परीक्षार्थी इन निर्धारित केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वारों पर ही प्रशासन द्वारा अभ्यर्थियों की गहन जांच की प्रक्रिया अपनाई गई, जिसके बाद ही उन्हें अंदर प्रवेश करने की अनुमति दी गई।


कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच आयोजित हुई परीक्षा
अपर पुलिस अधीक्षक हरबंश सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जिले के सभी बारह परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के बेहद व्यापक और पुख्ता प्रबंध किए गए थे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रत्येक केंद्र पर पांच पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की गई थी। परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश देने से पहले डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) और हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) के माध्यम से उनकी पूरी तरह जांच की गई ताकि किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक की संभावना न रहे।

इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर प्रतिबंध और सीसीटीवी निगरानी
परीक्षा की पारदर्शिता, शुचिता और गोपनीयता को पूरी तरह बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा बेहद कड़े कदम उठाए गए थे। किसी भी अभ्यर्थी को मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस या अन्य किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को परीक्षा हॉल के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। इसके अलावा, सभी परीक्षा केंद्रों के भीतर और आसपास सीसीटीवी कैमरों की मदद से निरंतर और कड़ी निगरानी रखी जा रही थी, ताकि पूरी प्रक्रिया पर बारीक नजर रखी जा सके और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से पूरी तरह बचा जा सके।

प्रतिबंधात्मक उपाय और प्रशासनिक अधिकारियों का दौरा
सुरक्षा के अन्य उपायों के तहत परीक्षा केंद्रों के दो सौ मीटर के दायरे में आने वाले साइबर कैफे और मोबाइल की दुकानों को पूरी तरह बंद रखा गया था ताकि परीक्षा व्यवस्था पर कोई नकारात्मक असर न पड़े। साथ ही, केंद्रों के आसपास बाहरी व्यक्तियों के अनावश्यक आवागमन पर भी सख्त पाबंदी लगाई गई थी।
अपर पुलिस अधीक्षक हरबंश सिंह और अल्मोड़ा के क्षेत्राधिकारी ने स्वयं कई परीक्षा केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने वहां पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और ड्यूटी पर तैनात समस्त पुलिस बल को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी सतर्कता और मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए गए थे।
जांच एजेंसियों और अधिकारियों की सक्रियता
परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और सुचारू रूप से चलाने के लिए जिले की एलआईयू (LIU) और एसओजी (SOG) टीमें भी पूरी तरह सक्रिय रहीं। ये खुफिया और जांच टीमें परीक्षा को किसी भी तरह से प्रभावित करने वाले संदिग्ध लोगों पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए थीं। इसके साथ ही, जोनल और सेक्टर अधिकारी लगातार विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा कर रहे थे और वहां तैनात पुलिस बल की ड्यूटी को लगातार चेक कर रहे थे ताकि व्यवस्था में कोई कमी न आए।

















