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केदारघाटी में सरकारी संपत्तियों के निजीकरण पर सियासत तेज, कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

केदारघाटी में सरकारी संपत्तियों के निजीकरण पर सियासत तेज, कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने के सरकारी फैसलों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। तुंगनाथ घाटी के स्थानीय नागरिकों और कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मिलकर दुग्गल बिट्टा स्थित लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन पर रक्षा सूत्र बांधा और इसकी सुरक्षा का संकल्प लिया। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि पर्यटन विकास के नाम पर सरकारी परिसंपत्तियों को बाहरी समूहों को लंबी अवधि के लिए देने की किसी भी योजना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

केदारघाटी में सरकारी संपत्तियों के निजीकरण पर सियासत तेज, कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

निरीक्षण भवनों को लीज पर देने का मामला

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रशासन रुद्रप्रयाग के दुग्गल बिट्टा, फाटा और गुप्तकाशी में स्थित तीन प्रमुख निरीक्षण भवनों को बड़े व्यावसायिक समूहों को पांच सितारा होटल बनाने के लिए लंबी अवधि तक लीज पर देने की तैयारी में है। इसी प्रक्रिया के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने दुग्गल बिट्टा से अपना आंदोलन शुरू कर दिया है। स्थानीय ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन सरकारी इमारतों और इनसे जुड़ी भूमि पर पहला अधिकार क्षेत्र के निवासियों का है।

स्थानीय हितों और रोजगार की मांग

प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि पर्यटन से जुड़ी किसी भी परियोजना को आगे बढ़ाने से पहले स्थानीय जनता की राय ली जानी चाहिए। साथ ही, क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिलने और पर्यटन गतिविधियों से स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ होने की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।

केदारघाटी में सरकारी संपत्तियों के निजीकरण पर सियासत तेज, कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

कांग्रेस नेताओं की चेतावनी

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक मनोज रावत और कांग्रेस जिलाध्यक्ष कुलदीप कंडारी सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। नेताओं ने दोटूक कहा कि यदि सरकार ने इस लीज प्रक्रिया को तुरंत नहीं रोका, तो इस आंदोलन को जिले के अन्य हिस्सों में भी व्यापक स्तर पर फैलाया जाएगा। दुग्गल बिट्टा के बाद फाटा और गुप्तकाशी के भवनों को लेकर भी विरोध दर्ज कराने की बात कही गई है।