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हरिद्वार कुंभ कार्यों पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, भाजपा ने किया तीखा पलटवार

हरिद्वार कुंभ कार्यों पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, भाजपा ने किया तीखा पलटवार

उत्तराखंड के हरिद्वार में आगामी कुंभ मेले के आयोजन को लेकर चल रही तैयारियों के बीच राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने इन निर्माण कार्यों में धन के दुरुपयोग और अनियमितता का दावा करते हुए सरकार को घेरा है। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए विपक्षी दल पर निशाना साधा है।

हरिद्वार कुंभ कार्यों पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, भाजपा ने किया तीखा पलटवार

कांग्रेस ने की कार्यों की जांच और ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और चार्जशीट कमेटी के चेयरमैन करण माहरा ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ हरिद्वार पहुंचकर कुंभ क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने लगभग 709 करोड़ रुपये की लागत वाले कार्यों की डीपीआर, टेंडर प्रक्रिया और भुगतान के विवरण को सार्वजनिक करने की पुरजोर मांग उठाई। उन्होंने चेतावनी दी कि इस विषय से जुड़े तमाम साक्ष्यों को देहरादून में सबके सामने लाया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान सतीकुंड के जीर्णोद्धार तथा बिल्केश्वर रोड के सौंदर्यीकरण और फुटपाथ निर्माण की लागत पर भी सवाल उठाए गए। माहरा ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर संदेह जताते हुए मांग की कि सड़क, सीवर, बिजली और पेयजल से जुड़े सभी प्रोजेक्ट्स का थर्ड पार्टी के माध्यम से तकनीकी और वित्तीय ऑडिट कराया जाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन सभी कार्यों का भौतिक सत्यापन करेगी और प्रेसवार्ता के जरिए विस्तृत खुलासे करेगी।

भाजपा का पलटवार: ‘कांग्रेस का काम केवल कमियां निकालना है’

विपक्ष के इन तीखे तेवरों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा ने कड़ा पलटवार किया है। भाजपा के जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी कुंभ मेले के सुचारू आयोजन के लिए कोई रचनात्मक सुझाव नहीं दिया, बल्कि सत्ता पाने की छटपटाहट में हर काम में मीन-मेख निकालना उनकी आदत बन गई है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मेला प्रशासन की पूरी टीम एक भव्य और सुव्यवस्थित कुंभ संपन्न कराने की तैयारियों में पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई है। भाजपा नेता ने तंज कसते हुए कहा कि हरिद्वार दौरे पर आई कांग्रेस की चार्जशीट कमेटी के सदस्यों को खुद यह समझ नहीं आया कि वे यहां क्या करने आए थे और उनका उद्देश्य केवल राजनीतिक बयानबाजी करना मात्र था।