उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में आगामी कुंभ मेला से जुड़े प्रस्तावित कार्यों के लिए अतिक्रमण की पैमाइश और सीमांकन करने गई लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) की एक सरकारी टीम पर स्थानीय लोगों द्वारा हमला किए जाने की गंभीर घटना सामने आई है। हरिद्वार के कनखल क्षेत्र में हुई इस घटना के दौरान सरकारी टीम के साथ ईंट, पत्थरों और जूतों से मारपीट की गई, जिसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल है और स्थानीय पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, लोनिवि के अपर सहायक अभियंता डॉ. चंद्र लाल भारती की अगुवाई में यह टीम उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कार्य कर रही थी। उनकी टीम एनएच 58 पर आईरिस सेतु से बैरागी कैंप विश्व कल्याण मोटर मार्ग के बीच सड़क पर अतिक्रमण का चिह्निकरण कर रही थी। इस सरकारी टीम में खंड अमीन मैनपाल सिंह, सपना रतूड़ी, चालक वीरेंद्र और विभागीय मेट अमरनाथ भी शामिल थे। आरोप है कि इसी दौरान स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने सरकारी कार्य में बाधा डाली और अचानक टीम पर हमला बोल दिया।

सरकारी दस्तावेजों और उपकरणों को छीनने का प्रयास
शिकायत पत्र में बताया गया है कि मौके पर मौजूद कुछ लोगों और उनके रिश्तेदारों ने टीम के सदस्यों को घेर लिया। इस दौरान डॉ. चंद्र लाल की सरकारी डायरी, पत्रावली और मोबाइल फोन छीनने का भी प्रयास किया गया। मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। हालांकि, टीम की एक महिला कर्मी खंड अमीन सपना रतूड़ी ने इस पूरी मारपीट और हंगामे का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। इस वीडियो में आरोपी ईंट, पत्थरों और जूतों से हमला करते हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो साक्ष्य को पुलिस को उपलब्ध करा दिया गया है। कनखल थाने में इस संबंध में संबंधित अधिकारियों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कुछ आरोपियों को हिरासत में भी ले लिया है।


कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार और विरोध प्रदर्शन
इस पूरी घटना के बाद से सरकारी कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया और कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। इस विरोध प्रदर्शन को उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ और मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ जैसे संगठनों का भी समर्थन प्राप्त हुआ है।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि सरकारी कार्य के दौरान अभियंताओं और अन्य कर्मचारियों के साथ इस प्रकार की अभद्रता, मारपीट और अभिलेख छीनने की घटना बेहद गंभीर है। केस दर्ज होने के बावजूद गिरफ्तारी न होने के कारण कर्मी अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। खंड अध्यक्ष प्रतीक अग्रवाल और सचिव जयेंद्र बरवाण ने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान से समझौता नहीं किया जाएगा। इसी बीच, स्थानीय लोगों के समर्थन में बजरंग दल के कार्यकर्ता भी कनखल थाने पहुंचे और पुलिस से मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करने के साथ हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ने की बात उठाई। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
















