मणिपुर में हाल ही में फिर से भड़की हिंसा और लक्षित हत्याओं के विरोध में राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन में कुकी-जो समुदाय के सैकड़ों लोगों के साथ भारतीय जनता पार्टी के दो मौजूदा विधायकों ने भी शिरकत की। इन जनप्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने और राज्य के बिगड़े हालातों को सुधारने की अपील की है।


राजधानी में विधायकों की प्रमुख मांगें
कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (केएसओ) दिल्ली-एनसीआर के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए विधायकों ने राज्य के मौजूदा सुरक्षा हालात पर गहरी चिंता जताई। उनका कहना था कि एक चुनी हुई सरकार होने के बावजूद क्षेत्र में नागरिकों को निशाना बनाकर हत्याएं की जा रही हैं, जिन्हें रोका जाना बेहद जरूरी है। नेताओं ने केंद्र सरकार से इस गंभीर संकट का एक निश्चित समय-सीमा के भीतर राजनीतिक समाधान खोजने का आग्रह किया है।

स्वतंत्र जांच और कड़े कदमों की मांग
प्रदर्शन के दौरान कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा। इस ज्ञापन में पिछले कुछ महीनों के दौरान विभिन्न जिलों में कुकी-जो गांवों पर हुए हमलों का हवाला दिया गया है। संगठन ने मांग की है कि हालिया हत्याओं और हमलों की स्वतंत्र जांच कराई जाए, ताकि इसके लिए जिम्मेदार मास्टरमाइंड, हथियार तस्करों और वित्तपोषकों को कानून के दायरे में लाया जा सके।

- हत्याओं की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग।
- संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की स्थायी चौकियां बनाने का आग्रह।
- नागरिकों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय स्तर पर बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना।
प्रदर्शनकारियों और नेताओं ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों की सुरक्षा को ताक पर नहीं रखा जा सकता और हिंसा की पुनरावृत्ति रोकने के लिए केंद्रीय एजेंसियों को कड़े और निर्णायक कदम उठाने होंगे।

















