एनविया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेनसन हुआंग ने स्पष्ट किया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के कारण 2030 तक दुनिया के समाप्त होने का खतरा बिल्कुल शून्य प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि इस तरह के किसी भी बड़े संकट की आशंका जताना महज एक बेवकूफी भरी सोच है।


भविष्य के खतरों को लेकर अलग-अलग राय
एक मीडिया साक्षात्कार के दौरान हुआंग ने कहा कि इस तरह की चेतावनियां देने के पीछे व्यापारिक, राजनीतिक या केवल लोगों का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य हो सकते हैं। उन्होंने टेक कंपनियों से आग्रह किया है कि वे एआई का विकास तेजी से करें, लेकिन साथ ही इसके उत्पादों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पूरी जिम्मेदारी भी स्वयं लें। उनका मानना है कि किसी भी अपरिपक्व या असुरक्षित सिस्टम को बाजार में नहीं उतारा जाना चाहिए।

दूसरी ओर, तकनीकी जगत के कई अन्य दिग्गज इससे अलग राय रखते हैं। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन, एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोडेई और माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्या नडेला जैसे नेता सुरक्षा उपायों को पुख्ता करने के लिए एआई के विकास की गति को थोड़ा धीमा करने की वकालत कर चुके हैं।

नियमों और विकास की गति पर बहस
जेनसन हुआंग ने पहले भी नए एआई कानूनों और नियमों की मांगों का विरोध किया है। उनका मानना है कि सुरक्षा मानकों को बनाए रखना पूरी तरह से इंजीनियरों की जिम्मेदारी है। सैन होज़े और अन्य सम्मेलनों में तकनीकी दिग्गजों और राजनीतिक हस्तियों के बयानों से यह साफ हो गया है कि एआई के भविष्य और उसकी रफ्तार को लेकर पूरी इंडस्ट्री दो अलग-अलग गुटों में बंटती जा रही है।















