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पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी गांवों में घर-घर शुरू हुआ जनगणना का काम

पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी गांवों में घर-घर शुरू हुआ जनगणना का काम

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के बर्फीले और दुर्गम उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जनगणना का अभियान शुरू हो गया है। जोहार, दारमा और व्यांस घाटियों के अंतर्गत आने वाले 35 उच्च हिमालयी गांवों में प्रगणक परिवारों तक पहुंचकर नागरिकों की विस्तृत जानकारी दर्ज कर रहे हैं। कठिन भौगोलिक स्थिति और मौसम की चुनौतियों के बीच प्रशासन द्वारा यह एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जिसके तहत इन क्षेत्रों में रहने वाले हर एक परिवार और व्यक्ति तक पहुंच बनाई जा रही है। इन घाटियों के कई ग्रामीण इस समय अपने पारंपरिक उच्च हिमालयी गांवों में ही निवास कर रहे हैं, जिससे प्रगणक दलों को प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर निर्धारित प्रारूप में जानकारी दर्ज करने में सुविधा हो रही है।

पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी गांवों में घर-घर शुरू हुआ जनगणना का काम

जनगणना के लिए तैनात किए गए प्रगणक दल

अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने जानकारी दी है कि तय किए गए मानकों के अनुसार ही इन क्षेत्रों में प्रगणक दलों की नियुक्ति की गई है। दारमा और व्यांस घाटी के उच्च हिमालयी इलाकों में लगभग 650 लोगों की आबादी पर एक प्रगणक को तैनात किया गया है। ये दल जोहार, दारमा और व्यांस घाटी के गांवों में घर-घर जाकर इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दे रहे हैं। उच्च हिमालय में मौसम की चुनौती और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच होने वाली यह जनगणना प्रशासन के लिए एक बड़ी कवायद है, जिसे पूरी सतर्कता के साथ पूरा किया जा रहा है।

प्रत्येक व्यक्ति से पूछे जा रहे हैं 40 से अधिक सवाल

इस पूरी प्रक्रिया के दौरान केवल नाम या संख्या दर्ज करने तक ही सीमित नहीं रहा जा रहा है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति और परिवार से जुड़े कई विषयों पर गहराई से आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। प्रगणकों द्वारा नागरिकों से 40 से अधिक प्रश्न पूछे जा रहे हैं। इन सवालों में परिवार का पूरा विवरण, उनका व्यवसाय, शैक्षिक योग्यता, आवास की स्थिति, रहन-सहन का तरीका और महिलाओं की प्रजनन स्थिति जैसे बिंदु शामिल हैं। इसके अलावा जाति, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से जुड़े विवरण भी दर्ज किए जा रहे हैं। इन तमाम आंकड़ों के माध्यम से इन दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का सही और व्यापक आकलन सामने आ सकेगा।

दुर्गम इलाकों में प्रशासन की कड़ी तैयारियां

पिथौरागढ़ के प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि जोहार, दारमा और व्यांस घाटियों के इन क्षेत्रों में सर्वे को सफलतापूर्व संपन्न कराने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं। तीनों प्रमुख घाटियों के 35 गांवों के लिए जनगणना टीमों का गठन करके उनकी तैनाती कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बर्फीले और दुर्गम क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियां बेहद चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद जनगणना के कार्य को सभी निर्धारित मानकों और प्रक्रिया के अनुसार समय पर पूरा किया जाएगा। प्रशासन की यह टीम चुनौतीपूर्ण मौसम और कठिन रास्तों को पार करते हुए अपने कार्य में जुटी हुई है।