प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ नामक एक महीने के राष्ट्रव्यापी संपर्क कार्यक्रम की शुरुआत की है, जो 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इस अभियान के तहत सरकारी पदों पर उनके 25 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों को रेखांकित किया जा रहा है, जिसमें गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक का सफर शामिल है।


शुरुआती राजनीतिक जीवन और गुजरात का सफर
प्रधानमंत्री मोदी वर्ष 1971 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और 1978 में उन्हें प्रचारक बनाया गया। इसके बाद 1987 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली और अगले ही वर्ष उन्हें गुजरात भाजपा का महासचिव नियुक्त किया गया। उन्होंने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार शपथ ली। मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राज्य में बुनियादी ढांचे, कृषि, शिक्षा और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल कीं। उनके इन विकास कार्यों ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में एक मजबूत पहचान दिलाई।


प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें अपना मुख्य चेहरा बनाया और भारी बहुमत के साथ वे देश के प्रधानमंत्री बने। तब से लेकर अब तक वे देश की सत्ता संभाल रहे हैं और वर्तमान में उनका तीसरा कार्यकाल चल रहा है। उनके नेतृत्व में देश भर में कई बड़ी योजनाएं और नीतिगत बदलाव लागू किए गए हैं, जिनमें डिजिटल इंडिया, जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत अभियान और आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा आधारभूत ढांचे का विकास, अनुच्छेद 370 से संबंधित निर्णय, और वैश्विक मंचों पर भारत की बढ़ती उपस्थिति जैसे महत्वपूर्ण कदम भी उनके कार्यकाल की मुख्य विशेषताओं में शामिल हैं।



















