रुद्रपुर में यूथ कांग्रेस की ओर से कलेक्ट्रेट का घेराव करने के ऐलान के बाद स्थानीय राजनीतिक माहौल में काफी तेजी आ गई है। इस प्रस्तावित प्रदर्शन के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के विधायक, मेयर और अन्य प्रमुख नेता भी कलेक्ट्रेट पहुंच गए। हालांकि, सुरक्षा और कानून व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं को कलेक्ट्रेट की तरफ आगे जाने से रोक दिया, जिससे मौके पर राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई।


भाजपा नेताओं के आरोप और हल्द्वानी की घटना
भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का कहना है कि कांग्रेस पार्टी हल्द्वानी में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दौरे के बाद हुई कथित शुद्धिकरण की घटना को लेकर जनता के बीच गलत जानकारी और भ्रम फैला रही है। हल्द्वानी की इस घटना के बाद से ही राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस छिड़ी हुई है। भाजपा नेताओं का मुख्य आरोप है कि कांग्रेस इस मामले का इस्तेमाल करके हिंदू समाज को विभिन्न जातियों में बांटने का लगातार प्रयास कर रही है, जिसे पार्टी किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगी।

विधायक सुरेश कोली का बयान
रुद्रपुर के विधायक सुरेश कोली ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल केवल सत्ता में वापस आने के लिए इस संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रहा है। विधायक ने स्पष्ट रूप से दावा किया कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में साफ-सफाई और हवन-पूजन करने वाले लोग भी अनुसूचित जाति समाज से ही ताल्लुक रखते थे। उन्होंने कहा कि रामलीला मंच की सफाई करना और वहां हवन-पूजन करना हमारी धार्मिक परंपरा का एक स्वाभाविक हिस्सा है, और इसे बेवजह जातिवाद से जोड़ना पूरी तरह से गलत है।

विधायक ने यह भी कहा कि अनुसूचित जाति समाज पूरी मजबूती के साथ भारतीय जनता पार्टी के साथ खड़ा है और कांग्रेस की ऐसी बातों से समाज कभी नहीं बंटेगा। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर डॉ. भीमराव आंबेडकर का उचित सम्मान न करने का भी गंभीर आरोप लगाया। उनके अनुसार, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने पंचतीर्थ के माध्यम से बाबा साहेब को वास्तविक मान-सम्मान दिलाया है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस पूरे घटनाक्रम के खिलाफ आवाज उठाते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
तुष्टीकरण और माहौल खराब करने का आरोप
इस बीच, भाजपा नेता बिट्टू चौहान ने भी कांग्रेस पार्टी पर कड़ा निशाना साधते हुए तुष्टीकरण की राजनीति करने और समाज को आपस में बांटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में कुछ लोगों द्वारा धार्मिक नारे लगाकर माहौल खराब करने की कोशिश की गई थी, जिसके बाद हिंदू और अनुसूचित जाति समाज के लोगों ने मिलकर वहां सफाई की, गंगाजल छिड़का और हवन-पूजन किया। भाजपा नेताओं ने दोहराया कि उनका विरोध पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगा और वे प्रशासन की अनुमति एवं सभी व्यवस्थाओं का पूर्ण पालन करेंगे। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी है।















