भारतीय वायु सेना के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरगोधा स्थित पाकिस्तान एयर फोर्स बेस मुशफ पर किए गए सटीक हमलों के सोलह महीने बाद भी पाकिस्तान उस तबाही के निशानों को पूरी तरह से मिटा नहीं पाया है। ताजा सैटेलाइट तस्वीरों से यह खुलासा हुआ है कि पाकिस्तानी वायु सेना को अपने इस बेहद महत्वपूर्ण एयरबेस के रनवे और टैक्सी-ट्रैक जंक्शन पर एक बार फिर से बड़े पैमाने पर मरम्मत कार्य शुरू करना पड़ा है। सरगोधा का यह एयरबेस लाहौर से उत्तर-पश्चिम और भारत-पाकिस्तान सीमा के करीब स्थित है।


सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ बड़ा खुलासा
हालिया सैटेलाइट तस्वीरों में रनवे जंक्शन के पास गहरे और अनियमित डामर के हिस्से दिखाई दिए हैं, जिनकी बनावट और रंग आसपास की सतह से बिल्कुल अलग नजर आते हैं। यह हिस्सा हाल ही में की गई खुदाई या दोबारा डामरीकरण की ओर साफ संकेत करता है। भारतीय वायु सेना ने 10 मई, 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत सरगोधा के मुख्य 3,200 मीटर लंबे रनवे पर सटीक मिसाइल हमले किए थे। इन हमलों के बाद से पाकिस्तान केवल कामचलाऊ पैच वर्क के जरिए ही इस रनवे का उपयोग करने का प्रयास कर रहा था।

भारी विमानों का भार नहीं सह सके पुराने पैच
सैटेलाइट विश्लेषण के अनुसार, शुरुआती दौर में की गई अस्थायी मरम्मत भारी सैन्य विमानों का वजन और दबाव सहन करने में विफल रही। अंदरूनी कंक्रीट संरचना के कमजोर होने और सतह के धंसने के कारण अब पुराने पैच को पूरी गहराई तक दोबारा खोदना पड़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पूर्व में हुए हमले के कारण रनवे पर बड़ा और गहरा गड्ढा बन गया था, जिसके चलते हवाई पट्टी पूरी तरह से ठप हो गई थी। सोलह महीने गुजर जाने के बावजूद इस महत्वपूर्ण सामरिक एयरबेस के रनवे की सर्जरी और री-सरफेसिंग का कार्य लगातार जारी है।



















