अनशन के 7वें दिन उक्रांद समेत विभिन्न संगठनों ने दिया समर्थन, मांग पूरी न हुई तो सड़कों पर उतरेगा दल
सहसपुर। उत्तराखंड आंदोलन के शहीद सतेंद्र चौहान की बहन अरुणा चौहान द्वारा जमीन बचाने और न्याय की मांग को लेकर किया जा रहा अनशन आज सातवें दिन भी जारी रहा। अनशन स्थल पर उत्तराखंड क्रांति दल समेत विभिन्न संगठनों ने पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया।

उक्रांद के केंद्रीय संगठन मंत्री एवं केंद्रीय सह मीडिया प्रभारी प्रकाश भट्ट ने कहा कि शहीद की बहन को अपनी पुश्तैनी जमीन बचाने के लिए सात दिन से अनशन पर बैठना पड़े और प्रशासन कार्रवाई के बजाय मौन साधे रहे, यह बेहद गंभीर स्थिति है। उन्होंने कहा कि अरुणा चौहान द्वारा जमीन हड़पने के प्रयास और उनके खिलाफ दर्ज कराए गए कथित फर्जी मुकदमों के आरोपों की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।

भट्ट ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो उक्रांद इस आंदोलन को व्यापक जन आंदोलन में बदलने के लिए सड़कों पर उतरेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।

आंदोलनकारी प्रमिला रावत ने कहा कि न्याय की मांग को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि मामले को लंबित रखकर पीड़ित परिवार को न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता।
नवचेतना संगठन की दीप्ति रावत ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो नवचेतना संगठन भी आंदोलन को सड़क तक ले जाने के लिए बाध्य होगा।
उक्रांद नेताओं ने स्पष्ट कहा कि जमीन कब्जाने और पीड़ितों पर मुकदमों का दबाव बनाने की शिकायतों को किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। सरकार तत्काल पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय सुनिश्चित करे।
धरने में पछवादून जिलाध्यक्ष जितेंद्र पंवार, जिला उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह नेगी, अनिल पंवार, जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट, जिला महामंत्री, जिला कार्यकारी अध्यक्ष अतुल बेंजवाल, जिला युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष विपिन अन्थवाल तथा सोवत सिंह सजवाण सहित उक्रांद एवं विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
















