उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने हाल ही में सामने आए एक विवादित मामले को लेकर मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने का बड़ा एलान किया है। इस आगामी विरोध प्रदर्शन की तैयारियों का जायजा लेने और स्थिति की समीक्षा करने के लिए कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी सैलजा कुमारी रविवार को दून पहुंच गईं। उनके दून पहुंचने पर प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पार्टी इस पूरे प्रकरण को लेकर सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए है और इसे एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना रही है।


हल्द्वानी प्रकरण से शुरू हुआ पूरा विवाद
यह पूरा राजनीतिक विवाद राज्य के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में हुई एक रैली के ठीक बाद सामने आया था। कांग्रेस पार्टी का मुख्य आरोप है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की इस विशाल रैली के संपन्न होने के बाद कार्यक्रम स्थल का कथित तौर पर शुद्धिकरण किया गया था। पार्टी नेताओं का मानना है कि इस तरह का कृत्य समाज के एक बड़े वर्ग, अनुसूचित जाति और गरीब लोगों का सीधा अपमान है। इस घटना के सामने आने के बाद से ही पूरे प्रदेश की कांग्रेस इकाई में भारी उबाल देखा जा रहा है और कार्यकर्ता इसके खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे हैं।

कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर संरक्षण के आरोप
कांग्रेस पार्टी ने मौजूदा भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार इस संवेदनशील मामले में सीधे तौर पर दोषियों को संरक्षण दे रही है। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर प्रकरण की घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस या प्रशासन की तरफ से कोई भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। इसके विपरीत, न्याय की मांग करने और आवाज उठाने के बजाय अन्य नेताओं के खिलाफ मनमाने तरीके से मामले दर्ज किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे कार्यकर्ताओं में और अधिक रोष व्याप्त है।

दलित उत्पीड़न और सामाजिक अपमान का उठाया गया मुद्दा
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष मदन लाल ने भी तीखा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में इस सरकार के गठन के बाद से ही अनुसूचित जाति और समाज के अन्य कमजोर तथा वंचित वर्गों के लोगों का उत्पीड़न लगातार बढ़ रहा है। उनका कहना है कि एक प्रमुख राजनीतिक कार्यक्रम के बाद इस प्रकार का आचरण करना न केवल निंदनीय है, बल्कि यह सीधे तौर पर गरीब और वंचित तबके की गरिमा पर गहरी चोट है।
आगामी प्रदर्शन को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज
कल होने वाले इस बड़े प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता देहरादून में एकत्र हो रहे हैं। पार्टी के इस आक्रामक कदम से राज्य की राजनीति में आगामी दिनों में और अधिक हलचल पैदा होने के पूरे आसार हैं, क्योंकि विपक्ष इस मामले को जनता के बीच प्रमुखता से उठाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध नजर आ रहा है।
















