Advertisement

उत्तराखंड में H1N1 स्वाइन फ्लू का प्रकोप, नए मामलों के साथ कुल आंकड़ा पहुंचा 408

उत्तराखंड में H1N1 स्वाइन फ्लू का प्रकोप, नए मामलों के साथ कुल आंकड़ा पहुंचा 408

उत्तराखंड राज्य में H1N1 स्वाइन फ्लू का संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिससे स्वास्थ्य विभाग और आम जनता की चिंता काफी बढ़ गई है। हाल ही में दर्ज किए गए नए मामलों के बाद राज्य में इस वायरस से कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 408 हो गई है। स्थिति को नियंत्रित करने और संक्रमण को आगे फैलने से रोकने के लिए प्रशासन तथा स्वास्थ्य कर्मियों ने जमीनी स्तर पर सर्वे और बचाव के कार्य तेज कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, सैंपलों की नियमित जांच के दौरान लगातार नए मरीजों में इस संक्रमण की पुष्टि हो रही है, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा देहरादून और अन्य क्षेत्रों से संबंधित है।

उत्तराखंड में H1N1 स्वाइन फ्लू का प्रकोप, नए मामलों के साथ कुल आंकड़ा पहुंचा 408

नए मामलों की पुष्टि और स्वास्थ्य स्थिति

हाल ही में हुई सैंपलों की जांच के दौरान कई नए मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि की गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, अब तक सामने आए कुल 408 मामलों में से अधिकांश मरीज उचित उपचार प्राप्त करने के बाद पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि इस बीमारी की चपेट में आने से कुछ मरीजों की दुखद मौत भी हुई है। इस बीच, राहत की बात यह रही कि इसी दौरान कोविड-19 का कोई भी नया मरीज सामने नहीं आया है। इसके साथ ही, अन्य वेक्टर जनित बीमारियों जैसे डेंगू के कुछ नए मामले भी मिल रहे हैं, जिन पर विभाग पूरी तरह से सतर्कता बरत रहा है और मामलों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे।

स्वास्थ्य विभाग का डोर-टू-डोर सर्वे और बचाव अभियान

बीमारियों के प्रसार को रोकने और समय रहते मामलों की पहचान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने राजधानी और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत आशा कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों की टीमों ने हजारों घरों का डोर-टू-डोर सर्वे किया है ताकि लोगों से मिलकर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटाई जा सके और संदिग्ध लक्षणों वाले व्यक्तियों की पहचान की जा सके। इसके अतिरिक्त, शहर के विभिन्न हिस्सों में मच्छरों के लार्वा को पूरी तरह नष्ट करने के लिए सोर्स रिडक्शन, व्यापक जागरूकता अभियान और फॉगिंग जैसी गतिविधियां बड़े पैमाने पर चलाई जा रही हैं। स्थानीय निकायों की ओर से भी विभिन्न क्षेत्रों में लार्वीसाइड का छिड़काव किया जा रहा है।

स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां

स्वास्थ्य अधिकारियों और विशेषज्ञों ने आम जनता से अपील की है कि वे इस स्थिति में विशेष सतर्कता बरतें और आवश्यक एहतियाती कदम उठाएं ताकि संक्रमण से सुरक्षित रहा जा सके:

  • खांसी, बुखार या सांस से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या महसूस होने पर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से पूरी तरह बचें।
  • खांसते या छींकते समय हमेशा अपने मुंह और नाक को अच्छे से ढककर रखें तथा हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
  • किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत किसी योग्य डॉक्टर से परामर्श लें और बिना चिकित्सीय सलाह के भूलकर भी कोई दवा न लें।
  • परिवार के बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित संवेदनशील लोगों के स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतें।