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नेपाल में बाढ़ के बाद उत्तराखंड में हाई अलर्ट, शारदा नदी के पास सतर्कता बढ़ी

नेपाल में बाढ़ के बाद उत्तराखंड में हाई अलर्ट, शारदा नदी के पास सतर्कता बढ़ी

नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा और जल प्रलय का असर अब पड़ोसी राज्य उत्तराखंड पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीमावर्ती जिलों में प्रशासन ने सुरक्षा और सतर्कता के कड़े इंतजाम किए हैं। नेपाल की इस त्रासदी के बाद राज्य के भीतर विशेष एहतियात बरते जा रहे हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

नेपाल में बाढ़ के बाद उत्तराखंड में हाई अलर्ट, शारदा नदी के पास सतर्कता बढ़ी

टनकपुर चौकी को किया गया हाई अलर्ट

अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नेपाल में उत्पन्न हुई आपदा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए एसडीआरएफ के सेनानायक अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर चंपावत जिले की टनकपुर चौकी को पूरी तरह हाई अलर्ट पर रखा गया है। एसडीआरएफ की टनकपुर टीम ने शारदा नदी के संवेदनशील तटीय इलाकों, प्रसिद्ध शारदा घाट, शारदा बैराज और आसपास के तमाम क्षेत्रों में अपनी गश्त काफी तेज कर दी है। संभावित खतरों और जलस्तर में उतार-चढ़ाव पर टीम लगातार कड़ी नजर रख रही है। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश जारी किए हैं।

स्थानीय नागरिकों के लिए जारी की गई एडवाइजरी

सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन और बचाव दल ने स्थानीय निवासियों तथा मछुआरों के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की है। एसडीआरएफ के जवानों ने निचले इलाकों और नदी के घाटों पर पहुंचकर लोगों को जलस्तर में होने वाली संभावित हलचल के प्रति जागरूक किया है। जनता से अपील की गई है कि वे बहुत अधिक आवश्यकता न होने पर नदी के किनारों के पास जाने से बिल्कुल बचें और प्रशासन के सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें। बचाव दल के कर्मचारी आवश्यक जीवनरक्षक और बचाव उपकरणों के साथ चौबीसों घंटे पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात हैं।

यात्राओं और पर्यटन कारोबार पर प्रभाव

इस प्राकृतिक आपदा के कारण नेपाल जाने वाले पर्यटकों और यात्रियों की योजनाओं पर भारी असर पड़ा है। नेपाल से सामने आए बाढ़ के डरावने समाचारों और वीडियो के बाद यात्रियों ने जोखिम से बचने के लिए अपनी पूर्व-निर्धारित यात्राएं और टूर पैकेज रद्द कराने शुरू कर दिए हैं। ट्रेवल कारोबारियों का कहना है कि इस अचानक आई बाधा के कारण परिवहन और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों को आर्थिक मोर्चे पर बड़ा झटका लगा है। यदि यह आपदा लंबी खिंचती है, तो इससे ट्रेवल एजेंसियों और होटल व्यवसायियों को और अधिक आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

मैत्री बस सेवा का संचालन

कार और हवाई यात्राओं की बुकिंग रद्द होने के बावजूद, उत्तराखंड से संचालित होने वाली भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा पर फिलहाल कोई प्रतिकूल असर नहीं देखा गया है। गढ़ी कैंट से नेपाल के लिए दो बसें संचालित होती हैं, जिनमें से एक महेंद्रनगर और दूसरी नेपालगंज तक जाती है। टिकट बुकिंग काउंटर के अधिकारियों के अनुसार इन बसों की आवाजाही सामान्य रूप से तय समय पर जारी है और बाढ़ का इस बस सेवा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।