उत्तराखंड सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप कर रहे एमबीबीएस छात्रों के लिए वजीफा राशि में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हाल ही में संपन्न हुई राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक में चिकित्सा शिक्षा और खेल जगत से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। सरकार के इन निर्णयों से प्रदेशभर के मेडिकल छात्रों और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवा एथलीटों को बहुत बड़ी राहत मिली है, जिससे लंबे समय से चली आ रही उनकी उम्मीदें पूरी हुई हैं।


राज्य के सरकारी चिकित्सा संस्थानों में इंटर्नशिप पूरी कर रहे एमबीबीएस छात्रों को पहले प्रति माह 17,000 रुपये का वजीफा मिलता था। काफी समय से छात्र इस राशि को बढ़ाने की मांग लगातार उठा रहे थे। छात्रों की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए मंत्रिमंडल ने वजीफे में बड़ा इजाफा करने का फैसला लिया। अब इस राशि को बढ़ाकर सीधे 25,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। इस वित्तीय बढ़ोतरी से प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सेवाएं दे रहे युवा चिकित्सकों का मनोबल काफी ऊंचा होगा और वे अस्पतालों में और अधिक लगन व उत्साह के साथ मरीजों की देखभाल कर सकेंगे।

इस समय उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में कुल पांच सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। ये संस्थान श्रीनगर (गढ़वाल), हल्द्वानी, देहरादून, हरिद्वार और अल्मोड़ा शहरों में स्थित हैं। इन सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कुल मिलाकर 625 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं। इसके अलावा राज्य में कुछ निजी मेडिकल कॉलेज भी चल रहे हैं, लेकिन वजीफे में हुई इस बढ़ोतरी का सीधा और मुख्य लाभ इन पांचों सरकारी संस्थानों के सैकड़ों इंटर्न्स को मिलेगा, जो अपनी इंटर्नशिप के दौरान अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ मंत्रिमंडल ने खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए भी एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। ‘उत्तराखंड खेल नीति 2021’ के नियमों और प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में देश व राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए 245 पदों पर सीधी नियुक्ति यानी आउट ऑफ टर्न जॉब को हरी झंडी दे दी गई है। इन सभी 245 पदों का सही और उचित बंटवारा खेल विभाग, युवा कल्याण विभाग, गृह विभाग, परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग और वन विभाग जैसे प्रमुख सरकारी महकमों में किया जाएगा। इस नीतिगत फैसले से राज्य के उन युवा खिलाड़ियों को बहुत बड़ा संबल और प्रोत्साहन मिला है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद मैदान में लगातार कड़ा संघर्ष करते हैं।
राज्य सूचना महानिदेशक ने कैबिनेट के इन सभी फैसलों की विस्तृत जानकारी प्रेस के माध्यम से साझा की। बैठक संपन्न होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने विचार रखते हुए स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य के संतुलित विकास को गति देना, स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह मजबूत करना और विभिन्न क्षेत्रों के कर्मचारियों व नागरिकों का कल्याण सुनिश्चित करना है।
















