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उत्तराखंड में मौसम का मिजाज सख्त, 3 सितंबर तक भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

उत्तराखंड में मौसम का मिजाज सख्त, 3 सितंबर तक भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

उत्तराखंड में मौसम का मिजाज अभी कुछ दिनों तक काफी सख्त रहने वाला है और राज्य में आगामी 3 सितंबर तक कई स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के पर्वतीय और मैदानी दोनों ही क्षेत्रों में अगले एक सप्ताह के दौरान मौसम बहुत अधिक सक्रिय रहेगा, जिसके कारण लोगों को अभी तुरंत राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। पर्वतीय अंचलों से लेकर मैदानी इलाकों तक बादलों का डेरा रहेगा और लगातार बारिश का दौर चलता रहेगा।

उत्तराखंड में मौसम का मिजाज सख्त, 3 सितंबर तक भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

इन जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी

मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से दी गई ताजा जानकारी के मुताबिक, विशेष रूप से रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की पूरी संभावना है। इन खास इलाकों में भारी बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज गर्जन का गंभीर खतरा बना हुआ है। इसके अलावा राज्य के बाकी अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है, जिससे तापमान में भी बदलाव दर्ज किया जा रहा है। पिछले चौबीस घंटों के दौरान राज्य के मैदानी जिलों जैसे कि हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम से लेकर सामान्य तक दर्ज किया गया है।

3 सितंबर तक लगातार रहेगा बारिश का दौर

उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में बारिश का यह सिलसिला 3 सितंबर तक लगातार जारी रहने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, 30 अगस्त को देहरादून, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल, चम्पावत, ऊधम सिंह नगर और बागेश्वर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें से देहरादून, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने के साथ-साथ बिजली गिरने की भयंकर आशंका जताई गई है, जिससे हालात अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। इसके बाद 1 सितंबर को भी देहरादून और टिहरी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार में भी कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।

भूस्खलन और जलस्तर बढ़ने का खतरा

लगातार हो रही इस भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा लगातार बना हुआ है। इसके साथ ही विभिन्न नदी-नालों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ सकता है, जिससे स्थानीय नागरिकों और बाहर से आने वाले पर्यटकों की मुश्किलें काफी हद तक बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से 31 अगस्त और 1 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से विशेष अपील की है। विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि लोग अनावश्यक यात्रा करने से पूरी तरह बचें और पूरी सावधानी बरतें।

कब मिलेगी खराब मौसम से राहत?

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, 2 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी देखने को मिल सकती है। इसके पश्चात 3 सितंबर को भी राज्य के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना तो बनी रहेगी, लेकिन उस दौरान किसी भी प्रकार की भारी बारिश की विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।