उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के भटवाड़ी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले भंगेली गांव में पीने के पानी की वजह से फैल रहे संक्रमण ने स्थानीय लोगों की बड़ी चिंता बढ़ा दी है। जल जीवन मिशन के तहत क्षेत्र में नए जल स्रोत से पानी का इस्तेमाल शुरू होने के बाद से ग्रामीणों के चेहरों पर दाने और फोड़े-फुंसियां उभरने लगे हैं। इस स्वास्थ्य समस्या से विशेष रूप से बच्चे और महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं, जिससे पूरे ग्रामीण क्षेत्र में भय और संकट का माहौल बना हुआ है। तेजी से फैल रहे इस संक्रमण ने ग्रामीणों को भयभीत कर दिया है और इस स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तुरंत कदम उठाए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।


पेयजल स्रोत बदलने के बाद सामने आई गंभीर समस्या
भंगेली गांव के ग्राम प्रधान ने जिला प्रशासन को भेजे गए अपने पत्र में इस पूरी स्थिति की विस्तृत जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि गांव में कुछ समय से बच्चों और महिलाओं के चेहरे पर छोटे-छोटे दाने निकल रहे हैं। यह समस्या आगे चलकर गंभीर फोड़े-फुंसी का रूप धारण कर रही है। इसके साथ ही प्रभावित लोगों को तेज जलन, खुजली, शारीरिक दर्द और बुखार जैसी गंभीर शिकायतों का भी सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का स्पष्ट रूप से यह मानना है कि यह स्थिति तब उत्पन्न हुई, जब जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत गांव की पेयजल लाइन को एक नए जल स्रोत से जोड़ा गया। इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों ने नए पेयजल स्रोत की जांच कराए जाने की मांग की है, ताकि बीमारी के सही कारणों का समय पर पता लगाया जा सके और इस तरह की समस्याओं से भविष्य में बचा जा सके।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपचार और आवश्यक सलाह
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए भंगेली गांव में ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता व पोषण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ग्रामीणों ने एक स्वर में इस पूरी स्थिति के लिए पेयजल संक्रमण को ही मुख्य जिम्मेदार कारण बताया। ग्रामीणों के अनुसार, वर्तमान समय में गांव के अंदर बीस से अधिक बच्चे और महिलाएं इस अजीब संक्रमण से गंभीर रूप से ग्रसित हैं, जो इस समस्या की व्यापकता को दर्शाता है।

ग्राम प्रधान की सूचना पर कार्रवाई करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने भटवाड़ी स्वास्थ्य केंद्र से एक विशेष चिकित्सा टीम को प्रभावित गांव में भेजा। गांव पहुंचने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चों और महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच के दौरान संक्रमण से ग्रसित पाए गए लोगों को आवश्यक दवाइयां मौके पर ही वितरित की गईं। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी ग्रामीणों को एहतियात के तौर पर पानी को अच्छी तरह उबालकर पीने की विशेष सलाह दी है, ताकि इस तरह के संक्रमण के प्रभाव को और अधिक फैलने से प्रभावी रूप से रोका जा सके।
















