उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां घरेलू विवाद के चलते एक पति ने अपनी ही पत्नी की जान ले ली। बच्चे जब सुबह अपने घर से पढ़ाई के लिए स्कूल गए थे, तब किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही घंटों में उनका पूरा परिवार उजड़ जाएगा। इस खूनी संघर्ष के बाद पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैली हुई है और हर कोई इस भयावह स्थिति को लेकर हैरान है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है और बच्चों के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


घरेलू कलह और काम पर न जाने को लेकर था विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मूल रूप से अयोध्या के रहने वाले रामजी पाल अपनी 35 वर्षीय पत्नी सोनू पाल और तीन बच्चों के साथ मोहिनी रोड स्थित एक कोठी के सर्वेंट क्वार्टर में रहते थे। मृतका घरों में मेड का काम करती थी, जबकि आरोपी रामजी राजमिस्त्री का काम करता था और वे करीब तीन महीने पहले ही गांव से देहरादून आए थे। आरोपी रामजी पिछले कुछ दिनों से काम पर नहीं जा रहा था, जिसके चलते घर की आर्थिक स्थिति और दैनिक जरूरतों को लेकर दोनों के बीच तनाव चल रहा था। पिछले दो-तीन दिनों से लगातार चल रही इसी कहासुनी और रोजमर्रा की जिम्मेदारियों के दबाव ने बृहस्पतिवार को एक भयानक रूप ले लिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।

स्कूल से बच्चों के लौटने से पहले हुआ खूनी हमला
बृहस्पतिवार की सुबह रामजी अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने गया था। करीब साढ़े दस बजे जब वह वापस घर लौटा, तो उसकी पत्नी सोनू के साथ एक बार फिर तीखी बहस शुरू हो गई। गुस्से में पूरी तरह बेकाबू होकर आरोपी ने कमरे के पास रखे एक धारदार पाठल से महिला के गले पर कई गंभीर वार कर दिए। गंभीर चोट लगने और अत्यधिक रक्तस्राव की वजह से पीड़िता की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही डालनवाला थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और आरोपी रामजी पाल को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया धारदार हथियार भी अपने कब्जे में ले लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।


परिवार और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
इस दंपती के तीन बच्चे हैं, जिनमें 11 और सात साल की दो बेटियां तथा पांच साल का सबसे छोटा बेटा आर्यन शामिल है। जब बच्चे स्कूल से वापस लौटे, तब उन्हें अपनी मां के हमेशा के लिए दुनिया से चले जाने और पिता के पुलिस हिरासत में होने की दुखद जानकारी मिली। मृतका की बहन भी सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंच गई थी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के वक्त स्कूल की छुट्टी होने के कारण रास्ते से गुजर रहे अभिभावक और बच्चे भी पुलिस की मौजूदगी व भीड़भाड़ को देखकर काफी सहम गए थे। पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच में जुटी हुई है।


















