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रूस प्रतिबंधों और बाहरी दबाव पर सरकार का कड़ा रुख, विदेश राज्य मंत्री का बड़ा बयान

रूस प्रतिबंधों और बाहरी दबाव पर सरकार का कड़ा रुख, विदेश राज्य मंत्री का बड़ा बयान

विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने रूस पर पश्चिमी देशों द्वारा लगाए जा रहे प्रतिबंधों और भारत पर पड़ने वाले उनके संभावित असर के संबंध में देश का कड़ा और स्पष्ट रुख सबके सामने रखा है। उन्होंने पूरी दृढ़ता के साथ यह दोहराया है कि भारत किसी भी तरह के बाहरी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है। देश अपनी स्वतंत्र विदेश नीति का पूरी तरह से पालन करता रहेगा, क्योंकि देश की आम जनता और उनके हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।

रूस प्रतिबंधों और बाहरी दबाव पर सरकार का कड़ा रुख, विदेश राज्य मंत्री का बड़ा बयान

स्वतंत्र विदेश नीति और राष्ट्रहित सबसे ऊपर

विदेश राज्य मंत्री ने विस्तार से बात रखते हुए समझाया कि भारत की सरकार अपने देश और नागरिकों की आर्थिक मजबूती के साथ-साथ स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक और संभव कदम उठाएगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि भारत की विदेश नीति पूरी तरह से स्वतंत्र है। देश किसी भी अन्य बाहरी देश के कहने पर किसी विशेष गुट का हिस्सा नहीं बनता है, बल्कि केवल और केवल अपने राष्ट्रहित को ध्यान में रखते हुए काम करता है।

विदेशी देशों की तरफ से लगातार लगाए जा रहे आयात शुल्क और टैरिफ के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने अपनी बात पर जोर दिया। उनका कहना था कि अनुचित तरीके से थोपे जा रहे ये टैरिफ पूरी तरह से गलत हैं। भारत किसी भी बाहरी दबाव में आकर जल्दबाजी में या किसी के प्रभाव में अपने फैसले नहीं लेगा। सरकार के सारे निर्णय देश के आर्थिक और राष्ट्रीय हितों के अनुकूल ही लिए जाएंगे।

ऊर्जा सुरक्षा और किफायती ईंधन की आपूर्ति

देश में बढ़ती हुई ऊर्जा जरूरतों के संदर्भ में चर्चा करते हुए कीर्ति वर्धन सिंह ने स्पष्ट किया कि ऊर्जा सुरक्षा देश के लिए एक मुख्य चिंता और महत्वपूर्ण विषय है। सरकार देशवासियों को किसी भी रुकावट के बिना लगातार और किफायती ईंधन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि भारत अपनी ऊर्जा की आपूर्ति उन्हीं खास स्रोतों से लगातार जारी रखेगा जो देश के लिए व्यावसायिक रूप से सबसे ज्यादा फायदेमंद, व्यावहारिक और किफायती साबित होंगे।