ऋषिकेश में एक नाबालिग छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म के मामले के बाद इलाके में भारी जनआक्रोश देखने को मिला और गुस्से में आए लोगों ने घटना वाले होटल में तोड़फोड़ कर अपना विरोध जताया। इस घटना के सामने आने के बाद होटल प्रबंधन की कार्यप्रणाली और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस और प्रशासनिक एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इस बीच, फरार आरोपी की तलाश के लिए पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।


महिला आयोग ने लिया संज्ञान और की मुलाकात
उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने एम्स पहुंचकर पीड़िता और उसके परिजनों से मुलाकात की और उन्हें पूरी सुरक्षा तथा न्याय का भरोसा दिलाया। उन्होंने इस पूरी घटना को एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए कहा कि आरोपी ने सोशल मीडिया के माध्यम से नाबालिग को बहला-फुसलाकर बुलाया और फिर नशीला पदार्थ देकर इस कृत्य को अंजाम दिया। आयोग की अध्यक्ष ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें। इसके साथ ही, उन्होंने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर सभी होटलों में कम से कम तीन महीने का सीसीटीवी बैकअप अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते नजर रखी जा सके और वैध पहचान पत्र के बिना नाबालिगों को कमरे देने वाले होटलों पर पॉक्सो एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जा सके।

होटल प्रबंधन और दस्तावेजों पर गंभीर सवाल
जांच आगे बढ़ने के साथ ही पुराने रेलवे स्टेशन के समीप स्थित संबंधित होटल के मामलों की परतें भी खुलने लगी हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि होटल का इस्तेमाल अन्य गतिविधियों के लिए किया जा रहा था, जिसके चलते होटल के मालिक और मैनेजर की भूमिका पूरी तरह संदेह के घेरे में है। आरोप है कि होटल में बिना उचित पहचान दस्तावेजों और आयु सत्यापन के कमरे दिए जाते थे और इसके एवज में सामान्य किराए से अतिरिक्त रकम वसूली जाती थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि होटल के इस प्रकार के कृत्यों में संलिप्तता की पूरी जांच की जा रही है।


संदिग्ध निगरानी व्यवस्था और सीसीटीवी की जांच
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि होटल की निगरानी व्यवस्था बेहद संदिग्ध थी और घटना के समय सीसीटीवी कैमरे जानबूझकर बंद रखे गए थे। कैमरों के बंद होने के पीछे बिजली न होने का बहाना बनाए जाने की बात भी सामने आ रही है। इसके अलावा, दुष्कर्म के बाद आरोपी द्वारा नाबालिग का वीडियो बनाए जाने की बात भी सामने आ रही है, जिस पर पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की मदद से गहन पड़ताल कर रही है।
फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की दबिश
कोतवाली प्रभारी यशपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि पूरे प्रकरण में होटल मालिक और मैनेजर की संदिग्ध भूमिका की जांच की जा रही है। फरार आरोपी को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें उसके संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के यहां लगातार दबिश दे रही हैं तथा उसके संपर्क में रहने वाले लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।


















