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उत्तराखंड पुलिस विभाग में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की सुगबुगाहट, जल्द आ सकती है तबादला सूची

उत्तराखंड पुलिस विभाग में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की सुगबुगाहट, जल्द आ सकती है तबादला सूची

उत्तराखंड के पुलिस महकमे में प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा बदलाव किए जाने की पूरी तैयारी चल रही है। आने वाले दिनों में कई जिलों के पुलिस कप्तानों और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यानी एएसपी स्तर के अधिकारियों के तबादले किए जाने की पूरी संभावना है। पर्वतीय और मैदानी दोनों ही क्षेत्रों के जिलों में तैनात अधिकारियों को इस फेरबदल के तहत नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। इन बदलावों को लेकर शासन स्तर पर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और पुलिस विभाग के भीतर सुगबुगाहट काफी तेज हो गई है।

उत्तराखंड पुलिस विभाग में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की सुगबुगाहट, जल्द आ सकती है तबादला सूची

तैयार हो चुकी है अधिकारियों की तबादला सूची

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शासन स्तर पर अधिकारियों के नाम और उनकी नई तैनाती को लेकर विचार-विमर्श की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। पुलिस मुख्यालय से मिले विभिन्न प्रस्तावों पर गंभीरता से गौर करने के बाद तबादलों की पहली सूची को पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। सूत्रों का यह भी कहना है कि यह सूची आगामी पंद्रह सितंबर से पहले कभी भी सार्वजनिक की जा सकती है। इस संभावित फेरबदल में केवल जिला कप्तान ही नहीं, बल्कि विभिन्न जनपदों में ट्रैफिक, सिटी और ग्रामीण क्षेत्रों का कामकाज संभाल रहे एएसपी स्तर के अधिकारी भी बड़े पैमाने पर शामिल किए जाएंगे।

राजधानी देहरादून में भी दिख सकता है बड़ा असर

इस प्रशासनिक फेरबदल का एक बड़ा असर राजधानी देहरादून में देखने को मिल सकता है। यहां कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर रहे अधिकारियों के कार्यभार में बदलाव होना लगभग तय माना जा रहा है। उदाहरण के लिए, देहरादून में एसपी सिटी के रूप में सेवाएं दे रहे प्रमोद कुमार का कार्यकाल तीन वर्ष से अधिक का पूरा हो चुका है, जिसके चलते उनका अन्य स्थान पर स्थानांतरण होना तय माना जा रहा है। इसके अलावा, विकासनगर के एसपी देहात पद से सेवानिवृत्त हुए एएसपी पंकज गैरोला के बाद से यह पद खाली चल रहा है। साथ ही, एसपी ट्रैफिक एवं क्राइम की जिम्मेदारी देख रहे जितेंद्र चौधरी को हाल ही में गवर्नर का एडीसी बनाए जाने के कारण वह पद भी इस वक्त रिक्त चल रहा है, जिस पर नए अधिकारियों की नियुक्ति की जानी है।

चुनावों और नियमों के दायरे में हो रहे बदलाव

पुलिस विभाग में होने जा रहे इन तबादलों के पीछे आगामी राजनीतिक व प्रशासनिक व्यवस्थाओं और आगामी विधानसभा चुनावों को मुख्य आधार माना जा रहा है। तय मानकों के अनुसार, जो अधिकारी पिछले चार वर्षों के दौरान किसी एक ही जिले में तीस महीने से अधिक समय तक तैनात रहे हैं, उन्हें इस फेरबदल के दायरे में शामिल किया गया है। इस दायरे में कई जिलों के अधिकारी आते हैं। पर्वतीय और मैदानी जनपदों में कानून व्यवस्था को और अधिक सुचारू रूप से संचालित करने के लिए इन अधिकारियों का स्थानांतरण किया जाना बहुत जरूरी हो गया है। शासन की ओर से अंतिम सूची जारी होने के बाद सभी संबंधित पुलिस अधिकारियों को अपने नए स्थानों पर कार्यभार संभालना होगा।