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ऋषिकेश एम्स में नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा, पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

ऋषिकेश एम्स में नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा, पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

ऋषिकेश एम्स के किच्छा स्थित निर्माणाधीन सैटेलाइट सेंटर में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में एक आउटसोर्स कर्मचारी समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपियों में एक भाई-बहन की जोड़ी भी शामिल है जिन पर युवाओं को नौकरी का झांसा देकर रकम वसूलने का आरोप है।

ऋषिकेश एम्स में नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा, पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

फर्जी पंपलेट से हुआ खुलासा

एम्स प्रशासन के अनुसार, किच्छा सैटेलाइट सेंटर में भर्ती के नाम पर फर्जी पंपलेट बांटे जाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों को सतर्क कर परिसर में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए। बीते मंगलवार को सुरक्षा कर्मियों ने एक व्यक्ति को पंपलेट बांटते हुए देखा, जिसके बाद एम्स इंटेलिजेंस के एक कर्मचारी ने अभ्यर्थी बनकर उससे संपर्क किया। संपर्क करने पर संबंधित व्यक्ति ने कर्मचारी को एम्स गेट नंबर-2 के बाहर बुलाया।

कार में हो रहा था पैसों का लेन-देन

तय किए गए स्थान पर पहुंचने पर बैराज रोड पर एक कार में कुछ लोग बैठे मिले, जहां कथित तौर पर नौकरी के नाम पर पैसों का लेन-देन किया जा रहा था। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की और कार की तलाशी ली। तलाशी के दौरान नर्सिंग ऑफिसर और मल्टीटास्किंग स्टाफ पद के दो फर्जी नियुक्ति पत्र तथा दो लाख रुपये नकद बरामद किए गए।

ऋषिकेश एम्स में नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा, पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

आउटसोर्स कर्मचारी और अन्य नामजद

इस मामले में एम्स के सहायक प्रशासनिक अधिकारी द्वारा पुलिस को लिखित शिकायत दी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने सुब्रत बछाऊ, दीपना मंडल, दीपांशु मंडल, गणेश और एम्स में आयुष्मान योजना के तहत आउटसोर्स पर कार्यरत दीपक गुसाईं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में बरामद फर्जी दस्तावेजों, नकदी और आरोपियों की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है।