उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में देर रात एक परिवार को निशाना बनाकर गंभीर मारपीट और लूटपाट किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार एक जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने के बाद अपने घर वापस लौट रहा था, तभी रास्ते में कुछ बदमाशों ने वाहन रुकवाकर इस वारदात को अंजाम दिया। इस सनसनीखेज घटना के दौरान परिवार के एक युवक के सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद से स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।


कांवली रोड के पास रास्ता पूछने के बहाने रुकवाई गई कार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना रात के वक्त करीब बारह से एक बजे के बीच की है। पीड़ित परिवार जीएमएस रोड क्षेत्र से एक जन्मदिन का कार्यक्रम मनाकर अपने घर की ओर वापस लौट रहा था। जब उनकी गाड़ी कांवली रोड के पास पहुँची, तो ऑटो में सवार कुछ अज्ञात युवकों ने आईएसबीटी का रास्ता पूछने का बहाना बनाया और उनकी कार को रुकवा लिया। जैसे ही चालक ने बातचीत के लिए गाड़ी का शीशा नीचे किया, उन बदमाशों ने तुरंत कार की चाबी छीनने का प्रयास किया और ड्राइवर का कॉलर पकड़कर उसे जबरन गाड़ी से बाहर खींच लिया।

दस से बारह युवकों ने किया परिवार पर हमला
गाड़ी रुकते ही लगभग दस से बारह हमलावर वहाँ इकट्ठा हो गए और उन्होंने गाड़ी में बैठे परिवार के सदस्यों के साथ जमकर मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान बीच-बचाव करने आए अन्य लोगों को भी हमलावरों ने नहीं बख्शा। पीड़ित पक्ष का मुख्य आरोप है कि ये हमलावर गाड़ी में रखे पचास हजार रुपये नकद, गले से सोने की चेन और तीन मोबाइल फोन, जिसमें एक आईफोन भी शामिल है, जबरन छीन लिए और मौके से फरार हो गए। इस पूरी झड़प और मारपीट में परिवार के एक युवक के सिर पर बहुत गंभीर चोट आई है।

पुरानी रंजिश और आपातकालीन पुलिस सहायता का मुद्दा
पीड़ित पक्ष का यह भी कहना है कि इस घटना के पीछे पुरानी रंजिश हो सकती है। उनका आरोप है कि इससे पहले चौदह अगस्त को भी एक अन्य मामले में कुछ युवकों के साथ उनका विवाद हुआ था। उस समय लाल रंग की स्विफ्ट कार में सवार सोनू बिष्ट, आकाश गौड़ और छुट्टन नामक युवकों द्वारा खतरनाक तरीके से ओवरटेक करने और विरोध करने पर मारपीट करने का आरोप लगाया गया था। इस पुरानी घटना की शिकायत आईएसबीटी चौकी में पहले ही दर्ज कराई जा चुकी है। परिवार का यह भी आरोप है कि ताजा घटना के दौरान उन्होंने आपातकालीन नंबर पर दस से अधिक बार कॉल की, लेकिन इसके बावजूद मौके पर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बीच आरोपी दबंगई करते रहे और पुलिस ने अपेक्षित सख्ती नहीं दिखाई। अब परिवार ने नामजद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और लूटी गई सामग्री व नकदी की बरामदगी की गुहार लगाई है।

















