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हरिद्वार जिला कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से मिली धमकी

हरिद्वार जिला कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से मिली धमकी

उत्तराखंड के हरिद्वार जिला कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक को कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से धमकी मिलने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। इस धमकी के बाद से जेल प्रशासन और सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है। आरोपी ने फोन कॉल और व्हाट्सऐप संदेशों के माध्यम से वरिष्ठ जेल अधिकारी को गंभीर परिणाम भुगतने की खुली चेतावनी दी है। इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद स्थानीय सिडकुल थाने में आधिकारिक रूप से मुकदमा दर्ज कराया गया है और पुलिस प्रशासन इस गंभीर मामले की विभिन्न पहलुओं से तकनीकी जांच कर रहा है ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके।

हरिद्वार जिला कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से मिली धमकी

जेल में बंद महिला कैदी के नाम पर आई धमकी

पुलिस को दी गई औपचारिक तहरीर के अनुसार, हरिद्वार जिला कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक मनोज कुमार आर्य के मोबाइल फोन पर 11 सितंबर को एक अज्ञात व्यक्ति का कॉल आया था। इसके पश्चात, आरोपी ने व्हाट्सऐप के जरिए संदेश भेजकर खुद को पंजाब के लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप से जुड़ा हुआ बताया। वरिष्ठ अधिकारी द्वारा शुरुआती कॉल न उठाए जाने पर आरोपी ने 12 सितंबर को भी कई बार फोन किया और नजरअंदाज किए जाने पर लगातार धमकी भरे संदेश भेजने शुरू कर दिए। रविवार की सुबह करीब 10:12 बजे आरोपी ने फिर से कॉल करके जेल प्रशासन को सीधे तौर पर धमकी दी। इन सभी संपर्कों और संदेशों के दौरान आरोपी ने बार-बार जेल में बंद शीला नामक महिला कैदी का विशेष रूप से उल्लेख किया और कहा कि वह उससे मिलने आता है, इसलिए उसे कोई भी तकलीफ नहीं होनी चाहिए।

ऋषिकेश निवासी पति पर हुई पहचान

जेल अधिकारियों ने जब आरोपी द्वारा भेजी गई कॉल रिकॉर्डिंग और संदेश जेल के भीतर बंद महिला शीला को सुनाए, तो उसने फोन करने वाले व्यक्ति की पहचान अपने पति हिमांशु चड्ढा के रूप में कर ली, जो ऋषिकेश का निवासी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस अभिलेखों की जांच से यह भी पता चला है कि धमकी देने वाला यह आरोपी पूर्व में देहरादून के जिला कारागार और सितारगंज के केंद्रीय कारागार में भी निरुद्ध रह चुका है। दूसरी ओर, जेल में बंद महिला शीला के खिलाफ भी ज्वालापुर कोतवाली में कई आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं।

गैर-कानूनी सुविधाएं देने का बनाया जा रहा था दबाव

प्रारंभिक जांच और पुलिस में दी गई शिकायत के अनुसार, धमकी देने वाले व्यक्ति का मुख्य उद्देश्य जेल के भीतर बंद शीला को फोन कॉल और अन्य प्रकार की गैर-कानूनी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जेल अधिकारियों पर अनुचित दबाव डालना था। जब उसकी अवैध मांगें पूरी नहीं हुईं, तो उसने लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर वरिष्ठ जेल अधीक्षक को जान से मारने की धमकी दी। फिलहाल, स्थानीय पुलिस और साइबर सेल की टीमें सर्विलांस की सहायता से आरोपी की सटीक लोकेशन और अन्य तकनीकी जानकारियां जुटाने का प्रयास कर रही हैं ताकि जल्द से जल्द आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।